शिवपुरी। शहर के 11 किलोमटर दूर स्थित बंजारा बस्ती में एक शराब ठेकेदार प्रतिदिन इस बंजारा बस्ती में शाही भोजन लेकर जाता था और भोजन की समाजसेवा में युवतिया ये छेडछाड करता था। इस बात का विरोध हुआ तो इस दबंग शराब ठेकेदार ने गरीबो के घरोदों को आग के हवाले कर दिया।
बंजारा बस्ती में महिलाएं और बच्चे उस समय बाल.बाल बच गएए जब एक शराब ठेकेदार ने टपरिया को आग के हवाले कर दिया और ये सभी टपरिया में अंदर मौजूद थे जैसे ही टपरिया आग से घिरी सभी ने भागकर अपनी जान बचाई घटना के पीछे जो बात सामने आई हैए
जानकारी के अनुसार शराब ठेकेदार हर दिन शाही भोजन लेकर बंजारा बस्ती पहुंचता था और इस समाज सेवा के ऐवज में वह बंजारा युवतियों के साथ छेड़छाड़ करता था
बताया गया है कि शुक्रवार को भी देवेन्द्र मौके पर पहुंचा और ऐसा ही किया तो बंजारा बस्ती में मौजूद लोगों ने उसे रोका, जिस पर गुस्से में देवेन्द्र ने टपरिया में आग लगा दी यह देख बंजारा बस्ती के लोग आग बबूला हो गए और देवेन्द्र को जमकर कूट दिया।
ठेकेदार देवेन्द्र का कहना है कि वह दोषी नहीं है वह तो बंजारा बस्ती के पास से होकर गुजर रहा था, लेकिन उसे बंजारों ने रास्ते में रोका और बाद में पिटाई भी कर दी।
जानकारी यह भी आ रही है कि जिस दौरान टपरिया में आग लगी, उस दौरान भोला की भाभी केलम बंजारा भोला के तीन और चार वर्ष के बच्चे जितेन्द्र और सूरज को खाना खिला रही थी।
एकाएक केलम की नजर टपरिया में लगी आग पर गई तो वह बच्चों को बाहों में भरकर बाहर भागी भोला कहता है कि जरा भी देर हो जाती तो तीनों आग के हवाले हो सकते थे।
