कहीं कर्मठ कार्यकर्ताओं की नजरअंदाजी महंगी ना पड़ जाए भाजपा को

shailendra gupta
शिवपुरी। भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष पद को लेकर विगत दिनों से रायशुमारी कर रही है अभी तक जिन नामों पर पार्टी की कमल चल रही थी उनमें हरज्ञान प्रजापति का नाम भी उभरकर सामने आ रहा था। गुटबाजी से दूर निर्विवाद छबि वाले हरज्ञान प्रजापति का नाम अचानक लिस्ट से विलुप्त हो गया।
हालांकि आलाकमनों की नजर में उक्त नाम पर अभी भी विचार चल रहा है। यदि पार्टी ने ऐसे कर्मठ कार्यकर्ता को नजर अंदाज कर दिया तो कहीं ऐसा नहीं हो कि नगरपालिका के चुनाव में वर्ष 2004 की तरह निर्दलीय मैदान मार ले जाये जिसका खामियाजा भाजपा को भुगतना पड़े। ऐसे में यह भी संभावना है कि कहीं पार्टियों को दरकिनार कर अन्य कर्मठ कार्यकर्ता निर्दलीय हुंकर ना भर दें।

भारतीय जनता पार्टी के दावेदारों में लगातार चल रहे नामों में हरज्ञान प्रजापति का नाम भी तेजी से चल रहा था। सभी वार्डों में अपनी पकड़ रखने वाले हरज्ञान प्रजापति को पैनल द्वारा स्वीकृति भी मिल चुकी थी। टिकार्थियों की दौड़ में समाजसेवी और व्यापारी हरज्ञान प्रजापति का नाम तेजी से सामने आया। सूत्र बताते हैं कि ााजपा की लंबी-चौड़ी फौज में श्री प्रजापति ही एक ऐसे दावेदार हैं जिन पर पार्टी गंभीरता से आज भी विचार कर रही है। श्री प्रजापति के रूप में ााजपा के पास एक नया चेहरा है और इनके नामों को लेकर किसी प्रकार का विवाद नहीं जुड़ा इसके अलावा भाजपा के अन्य दावेदारों की तुलना में प्रजापति पार्टी में चल रहीं खींचतान और गुटबाजी के सांचे में भी फिट नहीं बैठते। 

अध्यक्ष पद के उ मीदवार के लिये भाजपा में हरज्ञान प्रजापति को इसलिये भी महत्व मिल रहा है कि उनके नाम को व्यापार और उद्योग क्षेत्र से जुड़े एक बड़े वर्ग ने खुद आगे किया है। इसके अलावा श्री प्रजापति को शहर के अन्य जाति और वर्ग के लोगों को भरपूर समर्थन प्राप्त हो रहा है। सूत्र बताते हैं कि पार्टी के अंदरूनी सर्वे में भी यह बात उभरकर सामने आई है कि अन्य दावेदारों की तुलना में प्रजापति एक स्वच्छ और सुलझा हुआ चेहरा है। हालांकि प्रजापति भाजपा में सीधेतौर पर तो किसी पद पर नहीं है, लेकिन उनकी और उनके परिवार की विचारधारा पार्टी के साथ-साथ संघ परिवार से भी जुड़ी हुई है। यही बात कहीं न कहीं उन्हें अन्य उ मीदवारों से भी आगे रखती है। समाजसेवा के क्षेत्र में भी वे अपना नाम दर्ज कराये हुए हैं। 

वर्तमान में वे सेवा भारती सहरिया वनवासी बालक छात्रावास के अध्यक्ष, प्रजापति समाज भारत के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, सरस्वती शिशु मंदिर शिवपुरी के सह सचिव, रामदाना जनकल्याण समिति के सदस्य और प्रजापति समाज के संरक्षक के रूप में पदीय दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी के साथ कर रहे हैं। सभी समाजों के लोगों से उनका सतत संपर्क रहता है। अध्यक्ष पद की दावेदारी के रूप में उनका नाम मध्यदेशीय अग्रवाल समाज, मारवाड़ी अग्रवाल समाज, अग्रवाल मित्र मण्डल, राठी एप्लायेंस, माहेश्वरी सेवा समिति, सर्वब्राह्मण समाज, सर्वब्राह्मण विवाह स मेलन समिति, प्रजापति समाज, मुस्लिम समाज, मजेजी ब्रदर्स, फूट मंडी एसोसिएशन, धाकड़ समाज, ट्रक ऑपरेटर यूनियन, जमीयत इ युअल मुस्लिम समाज सहित तमाम सामाजिक संगठनों का उन्हें समर्थन प्राप्त है।



Tags

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!