शिवपुरी। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना के तहत हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य अभी भी शिवपुरी जिले में अधूरा है। जिले के करीब डेढ़ लाख परिवार आज भी नल कनेक्शन का इंतजार कर रहे हैं, जबकि योजना का काम आधे से थोड़ा ही अधिक पूरा हो पाया है।
गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की समीक्षा बैठक में यह तस्वीर सामने आने के बाद कलेक्टर अर्पित वर्मा ने अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि काम की गुणवत्ता और तय समय-सीमा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।
जिले में 3 लाख 22 हजार 711 घरों तक नल कनेक्शन पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके मुकाबले अब तक 1 लाख 75 हजार 61 परिवारों को ही नल कनेक्शन मिल सके हैं। यानी योजना का केवल 54.25 प्रतिशत कार्य पूरा हुआ है, जबकि 1 लाख 47 हजार 650 परिवार अब भी योजना के लाभ से वंचित हैं।
504 योजनाओं में 338 पूरी, बाकी का काम जारी
बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग और मध्यप्रदेश जल निगम की योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि जिले की 504 एकल ग्राम नल-जल योजनाओं में से 338 योजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि शेष योजनाओं पर निर्माण कार्य जारी है। कलेक्टर ने अधिकारियों से कार्यों की धीमी गति पर जवाब-तलब करते हुए कहा कि जल जीवन मिशन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
540 गांवों में समय पर शुरू हो पेयजल आपूर्ति
कलेक्टर अर्पित वर्मा ने निर्देश दिए कि जिले के 540 गांवों में संचालित पेयजल योजनाओं को तय समय-सीमा में पूरा कर जल्द से जल्द जलापूर्ति शुरू कराई जाए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ठेकेदारों पर सख्ती, नोटिस जारी करने के निर्देश
समीक्षा बैठक में समूह पेयजल योजनाओं के निर्माण की धीमी प्रगति पर कलेक्टर ने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों को तत्काल नोटिस जारी कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने दो टूक कहा कि घटिया निर्माण और काम में देरी किसी भी हालत में स्वीकार नहीं होगी।
कम गहराई में पाइपलाइन बिछाने की शिकायत
बैठक के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में निर्धारित मानकों से कम गहराई पर पाइपलाइन बिछाए जाने की शिकायत भी सामने आई। इस पर कलेक्टर ने पोहरी एसडीएम को मौके पर जाकर पाइपलाइन की गहराई और निर्माण गुणवत्ता की जांच करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि यदि कहीं भी मानकों की अनदेखी मिली तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विभागों में बेहतर समन्वय बनाने के निर्देश
कलेक्टर ने यह भी कहा कि जल संसाधन विभाग, बीएसएनएल और अन्य विभागों के निर्माण कार्यों के कारण जल जीवन मिशन प्रभावित नहीं होना चाहिए। इसके लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए और संबंधित एसडीएम नियमित रूप से कार्यों की मॉनिटरिंग करें।
बैठक के अंत में कलेक्टर ने स्पष्ट संदेश दिया कि जल जीवन मिशन की प्रत्येक परियोजना समय पर, निर्धारित गुणवत्ता के साथ पूरी होनी चाहिए। यदि किसी स्तर पर लापरवाही या मानकों की अनदेखी मिली तो संबंधित अधिकारी और निर्माण एजेंसियां जवाबदेह होंगी।
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