कोलारस उपचुनाव: अभी दूल्हो का पता नही परन्तु बारातो की धूम में कोलारस वासी मस्त

शिवपुरी। अभी कोलारस उपचुनाव की तारिखों की घोषणा नही हुई है। प्रत्याशियो अभी लापाता है,परन्तु चुनावी शोरगुल पूरी तरह से शुरू हो चुका है। या यू कह लो की दूल्हो का पता नही है और बरातो की धूम हो रही है। इन बारातो की धूम में कोलारस वासी मस्त हो रहे है। जैसा कि विदित है कि कोलारस विधायक रामसिह यादव के दुखद निधन के बाद रिक्त हुई कोलारस सीट पर उपचुनाव होना है। अभी प्रत्याशियो के नाम की अभी घोषणा नही हुई है। यहां प्रत्याशियो के बीच मुकाबला नही होना है। यहां मुकाबला प्रदेश के सीएम शिवराज और क्षेत्रीय सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच होनो है। 

इन दोनो के लिए यह चुनाव नही है। इस चुनाव में ज्योतिरादित्य सिंधिया परिक्षा होनी है तो सीएम शिवराज को अग्रिपरिक्षा से गुजरना होगा। प्रत्याशी तो नाम मात्र के रहेगेें। और इसका नजारा हमे अभी से देखेने को मिल रहा है। पिछले एक माह में  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के ताबड़तोड़ पांच दौरे और सिंधिया का तीन दिन का मैराथन जनसम्पर्क दोनों के बीच मुकाबले की कथा को बखान करता है। 

सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया यह साफगोई से कह चुके हैं कि कोलारस में उनके और मुख्यमंत्री के बीच सीधा मुकाबला है, लेकिन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इस साफगोई से बचने की कोशिश कर रहे हैं। भाजपा का प्रचार अभियान जिस अंदाज में चल रहा है उससे स्पष्ट है कि भाजपा के लिए कांग्रेस प्रत्याशी गौण है और वह मुकाबले में ज्योतिरादित्य सिंधिया को ही मानते हैं। यही कारण है कि भाजपा की हर सभा में सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया पर ताबड़तोड़ हमले हो रहे हैं। 

धाकड़ सम्मेलन में तो सिंधिया को ललकारते हुए यहां तक कहा गया कि हमारे मुख्यमंत्री की ओर एक ऊंगली भी उठाई तो हाथ काट दिया जाएगा, जबान चलाई तो जबान काट दी जाएगी। इस तरह की भाषा का इस्तेमाल किसी और ने नहीं बल्कि पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा की ओर से राघौगढ़ से जुड़े धाकड़ समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष राधेश्याम धाकड़ ने किया है और उस सभा में भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष रामेश्वर शर्मा से लेकर पोहरी विधायक प्रहलाद भारती भी मौजूद थे।

राधेश्याम धाकड़ ने ही नहीं बल्कि धाकड़ सम्मेलन में सभी वक्ताओं के निशाने पर सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया रहे। दूसरी ओर सांसद सिंधिया अपनी हर सभा में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को टारगेट पर लेते हैं। उन पर झूठी घोषणाओं का आरोप लगाते हुए उन्हें घोषणा वीर कहते हैं। हालाकि  इसे झूठलाने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कोलारस की सभाओं में सिर्फ घोषणा नहीं करते बल्कि घोषणा का आदेश भी साथ लेकर आये हैं। 

इस तरह से स्पष्ट है कि 2018 से पहले ही कोलारस में मुख्यमंत्री चौहान और सांसद सिंधिया के बीच मुकाबला हो रहा है। इस मुकाबले की तस्वीर दोनों के राजनैतिक भविष्य को तय करने वाली होगी। चुनाव तो होना तय है प्रत्याशियो के नाम की घोषणा भी समय के साथ हो जाऐगी,लेकिन अभी कोलारस की जनता इस चुनाव के पूरे मजे ले रही है, दोनो दल अपने मतदाता की इस तरह ख्याल रख रहे है, जैसे बह बारात में आया हो........................किसी को भी अभी नाराज होने की इजाजत नही है। 
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