बीमार अस्पताल: फिर बंद हुई डायलिसिस युनिट और साहब को अभी तक पता नही

शिवपुरी। शिवपुरी जिला अस्पताल की दुर्गति से कोई भी अनभिज्ञ नहीं है। जहां डॉक्टरों का टोटा है तो वहीं उपकरणों की भी कमी है और जो उपकरण वहां मौजूद हैं वह खराब पड़े हुए हैं। 22 दिसम्बर से अस्पताल में डीसीडीसी कम्पनी द्वारा पार्टनरशिप में स्थापित की गई डायलिसिस यूनिट बंद पड़ी है जिसका कारण मशीनों का खराब होना। खास बात यह है कि स्वास्थ्य महकमे के जिम्मेदार मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी श्री सगर इससे अनभिज्ञ हैं और उन्हें यह ज्ञात ही नहीं है कि जिला अस्पताल में क्या समस्याएं हैं। 

हालांकि सिविल सर्जन गोविंद सिंह और डायलिसिस यूनिट प्रभारी एसएस गुर्जर का कहना है कि उनके द्वारा कम्पनी के अधिकारियों के साथ-साथ शासन को भी पत्र लिखकर इस समस्या से अवगत करा दिया गया है। उनका मानना है कि जल्द ही उक्त मशीनें ठीक हो जाएंगी और पहले की तरह डायलिसिस यूनिट शुरू हो जाएगी। 

विदित हो कि मध्यप्रदेश शासन और डीसीडीसी कम्पनी के बीच डायलिसिस यूनिट को लेकर अनुबंध हुआ था और शिवपुरी अस्पताल में डायलिसिस यूनिट प्रारंभ की गई। जिससे शहर के उन मरीजों को लाभ हुआ जिनकी आर्थिक स्थिति सुद्रढ़ नहीं है और वह डायलिसिस कराने के लिए ग्वालियर जाते थे। 

इस सुविधा से लोगों ने राहत महसूस की, लेकिन कुछ समय पूर्व भुगतान को लेकर उक्त यूनिट को बंद कर दिया गया। उस समय मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बाद में कंपनी और शासन के बीच सुलह होने के बाद डायलिसिस यूनिट पुन: प्रारंभ हो गई, लेकिन 22 दिसम्बर से डायलिसिस यूनिट में लगी दोनों मशीनें खराब हो गईं और डायलिसिस कराने वाले उन मरीजों के समक्ष पुन: संकट खड़ा हो गया। 

पिछले 18 दिन से यह यूनिट बंद पड़ी हुई है। स्थिति यह हो गई कि जो लोग नियमित रूप से डायलिसिस करा रहे थे वह जिला अस्पताल में मौजूद सेवाएं बाधित होने के कारण ग्वालियर और इंदौर जा रहे हैं जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान भी हो रहा है। 

कई मरीज ऐसे हैं जिनके पास गरीबी रेखा के राशन कार्ड हैं और वह निशुल्क डायलिसिस कराते थे, लेकिन कई दिनों से डायलिसिस यूनिट बंद होने के कारण उन पर परिवारों के समक्ष संकट खड़ा हो गया है और वह डायलिसिस नहीं करा पा रहे हैं ऐसी स्थिति में उनका स्वास्थ्य भी खराब हो रहा है और वह कर्ज लेकर डायलिसिस कराने शहर से बाहर जा रहे हैं। 

एक दिन में चार मरीज कराते हैं डायलिसिस 
जिला अस्पताल में डायलिसिस की दो मशीनें लगी हुईं हैं जिन पर दो शिफ्ट सुबह और शाम डायलिसिस की जाती है और एक बार में दो मरीज की डायलिसिस होती है और दोनों शिफ्ट मिलाकर चार मरीज डायलिसिस कराते हैं, लेकिन डायलिसिस यूनिट बंद होने से स्थिति विकट हो गई है। 

दिल्ली में होगी मशीनों की रिपेयरिंग 
डायलिसिस यूनिट का आरो सिस्टम खराब हो गया है और उसकी रिपेयरिंग शिवपुरी में नहीं हो रही है ऐसी स्थिति में मशीनें दिल्ली में रिपेयरिंग होंगी जिस कारण यूनिट बंद पड़ी हुई है। 

इनका कहना है- 
मुझे जानकारी नहीं है कि डायलिसिस यूनिट बंद पड़ा है आपके द्वारा मुझे यह जानकारी दी गई है मैं सिविल सर्जन से इस मामले में बात करता हूं और जल्द से जल्द डायलिसिस यूनिट शुरू कराया जाएगा। 
डॉ. सगर, मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी, शिवपुरी 

इनका कहना है- 
डायलिसिस यूनिट का संचालन डीसीडीसी कम्पनी करती है और मशीनें कम्पनी के अंडर में ही हैं जो 22 दिसम्बर से खराब पड़ी हैं जिसे लेकर कम्पनी के लोगों से मौखिक रूप से और पत्र व ईमेल के माध्यम से जानकारी दे दी गई है, लेकिन कम्पनी ने अभी तक इस समस्या को खत्म करने का कोई प्रयास नहीं किया है। मैंने स्वयं डायरेक्टर से भी बात कर उन्हें समस्या बता दी है। 

यहां तक कि प्रदेश की खेलमंत्री यशोधरा राजे सिंधिया को भी अवगत कराया गया है जिन्होंने कम्पनी के अधिकारियों और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से चर्चा की है और आशा है कि एक दो दिन में ही यूनिट ठीक हो जाएगी। 
डॉ. गोविंद सिंह, सिविल सर्जन, जिला अस्पताल शिवपुरी 

इनका कहना है- 
डायलिसिस यूनिट की मशीनें खराब हो गईं हैं जिसमें सिविल सर्जन प्रयास कर रहे हैं और जल्द ही मशीनें सही होकर डायलिसिस शुरू कर दी जाएगी। 
तरूण राठी, कलेक्टर, शिवपुरी 
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