तुनकमिजाजी की मिलावट ने यशोधरा का टेंलेट दबा दिया

अधिराज पंडित/भोपाल। शिवपुरी जिले में कोलारस विधानसभा के उपचुनाव चल रहे हैं। सीएम शिवराज सिंह चौहान समेत मप्र के तमाम दिग्गज मंत्री और नेता कोलारस की गलियों में घूम रहे हैं परंतु शिवपुरी की प्रभावशाली महिला नेता यशोधरा राजे सिंधिया नदारद हैं। सवाल उठ रहे हैं। जवाब भी दिए जा रहे हैं परंतु यशोधरा राजे नजर नहीं आ रहीं हैं। 

यहां बताना होगा कि यशोधरा राजे सिंधिया के जैसा टेलेंट मप्र के कई मंत्रियों में नहीं है। उन्हे ना केवल काम करना आता है बल्कि काम की चिंता करना भी आता है। वो समस्याओं का हल ढूंढने तक मेहनत करतीं हैं और कभी हार नहीं मानतीं, वो भी अपनी बहन वसुंधरा की तरह सीएम मटैरियल हो सकतीं थीं परंतु उनके इस शानदार व्यक्तित्व में तुनकमिजाजी की मिलावट ने ना केवल उनका राजनैतिक ग्राफ नीचे कर रखा है बल्कि शिवपुरी विधानसभा को भी काफी सारे नुक्सान हो रहे हैं। 

तुलनाएं अच्छी नहीं होतीं परंतु कहना तो पड़ेगा ही कि नरोत्तम मिश्रा ने दतिया को गांव से शहर बना दिया। आज वो शिवपुरी से कहीं ज्यादा अच्छा शहर है। शिवपुरी में सिंध के पानी को लेकर ना जाने कितने चुनाव जीते जा चुके हैं परंतु कोलार में भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा पहले ही कार्यकाल में केरवा बांध का पानी ले आए। कोलार की 3 लाख आबादी रामेश्वर का गुणगान कर रही है जबकि शिवपुरी की डेढ़ लाख आबादी अभी भी सिंध के पानी का इंतजार कर रही है। समझना होगा कि क्या अंतर है लोगों में। यशोधरा राजे को समझना होगा कि विनम्रता का अर्थ झुक जाना नहीं होता और अपनी जनता के लिए यदि समझौते करना पड़ें या झुकना भी पड़े तो शर्म नहीं करना चाहिए। राजमाता विजयाराजे सिंधिया की जिद्दी बेटी अच्छी थी परंतु शिवपुरी की बेतुकी जिद करने वाली विधायक हानिकारक है। 
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