वीरांगना झलकारी बाई का योगदान इतिहास में अमर रहेगा : डॉ. पिप्पल | SHIVPURI BJP

शिवपुरी। भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा की प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य डॉ. शकुंतला पिप्पल ने शिवपुरी जिले के बदरवास की गरीब बस्ती में पहुंचकर वीरांगना झलकारी बाई का जयंती मनाई। इस दौरान डॉ. पिप्पल ने सबसे पहले झलकारी बाई के चित्र पर दीप प्रज्वलित करते एवं माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। इस मौके पर उपस्थित लोगों को डॉ. पिप्पल ने झलकारी बाई के जीवन पर प्रकाश डाला। डॉ. पिप्पल ने कहा कि महान देश भक्त झलकारी बाई का जन्म 22 नवंबर 1830 को उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के भोजला गांव में हुआ था। 

इनके पिता का नाम मूलचंद कोरी व माता का नाम जमना था। उन्होंने कहा कि 1857 के स्वतंत्रता संग्राम की प्रथम दीपशिखा वीरांगना झलकारी बाई का योगदान इतिहास के स्वर्ण अक्षरों में अमर रहेगा। इस महान वीरांगना ने अपने वतन की रक्षा के लिए झांसी की महारानी लक्ष्मीबाई का अंग्रेजों के विरुद्ध स्वतंत्रता संग्राम में सहयोग कर उनके प्राण बचाए थे। 

देश की आन-बान-शान के लिए झलकारी बाई ने महारानी लक्ष्मीबाई का युद्ध में साथ देकर अंग्रेजी सेना के छक्के छुड़ा दिए थे। अंग्रेजों से युद्ध करते हुए 17 जून 1857 को मात्र 27 वर्ष की अवस्था में वीरांगना झलकारी बाई वीरगति को प्राप्त हुई। अंत में मौके पर उपस्थित सभी लोगों को डॉ. पिप्पल ने मिठाई बांटी। 
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