परमात्मा से प्रेम हो जाना ही सच्चा प्रेम: स्वामी आत्मानंद

शिवपुरी। परमात्मा से प्रेम हो जाना ही सच्चा प्रेम है। प्रेम में इतनी शक्ति है की सर्वव्यापक भगवान को प्रकट कर देता है। स्वामी ने कहा कि प्रेम निष्काम होता है। जिसमें कामना होती है उसे प्रेम नहीं मोह कहा जाता है। भगवान के साथ प्रेम होता है तथा संसार में मोह होता है। सच्चा भक्त भगवान से कुछ नहीं मांगता। यह प्रवचन सिद्ध पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी आत्मानंद ने शहर के गांधी पार्क स्थित क युनिटी हॉल में आयोजित एक धार्मि कार्यक्रम के दौरान कही।  

आत्मानंद स्वामी जी ने कहा कि मनुष्य के दुखों का कारण उसकी कामना है। कामना जितनी बढ़ती है, दु:ख भी उतना बढ़ता है। कामना ही दु:ख की जननी है। कामना का त्याग करने से मानव सुख को प्राप्त करता है। सच्चा भक्त कभी कामना के आगे नहीं आने देता। सुखी होने के लिए बहुत से पैसों की जरूरत नहीं, बल्कि संतोष की जरूरत होती है। जिसके जीवन में संतोष रूपी धन गया, वह सुखी हो जाता है। 

कार्यक्रम के संयोजक तथागत फाउंडेशन शिवपुरी एवं जिला गायत्री परिवार ने बताया कि शिवपुरी पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार पांडे के विशेष आग्रह पर परमहंत महामंडलेश्वर स्वामी आत्मानंद शिवपुरी आए और अपने भजनों के माध्यम से लोगों को भागवत दर्शन करवाया। स्वामी आत्मानंद के शिवपुरी आगमन पर पहले उनका फूल-मालाओं से अभिनंदन किया गया। इसके बाद पूजा-अर्चना की गई। 

कार्यक्रम में जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरबी कुमार, एसपी सुनील कुमार पांडे, कलेक्टर तरूण राठी, एडीशनल एसपी कमलसिंह मौर्य, एसडीएम रूपेश उपाध्याय, मानव अधिकार आयोग मित्र आलोक एम इंदौरिया, लायंस क्लब शिवपुरी साउथ, लायंस क्लब सेंट्रल, रोटरी क्लब, प्रोमीनेंट क्लब, पंजाबी परिषद, मानव वेलफेयर सोसायटी, प्रायवेट स्कूल एसोसिएशन के सदस्य सहित शहर के वरिष्ठ चिकित्सक, एडवोकेट एवं शहर के प्रबुद्ध नागरिक मौजूद थे। 
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