कोलारस उपचुनाव : सोशल पर आई BJP की कलह, कांग्रेस में सहानुभूति की दुविधा

कोलारस, इमरान अली। कांग्रेस की चित्रकूट की जीत के बाद एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है। चित्रकूट की जीत के बाद अब कांग्रेस मुंगावली और कोलारस उपचुनाव होना है, अभी से इस उपचुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। टिकिट की चाहने वाले नेताओ ने जनता और अपने राजनैतिक आकाओ से संपर्क तेज शुरू कर दिया है। 

लंबी लाईन है कांग्रेस में दावेदारो की 
कांग्रेस पूर्ण रूप से सहानुभूती की लहर पर आंखे टिकाकर बैठी है यहां से प्रवल दावेदार के रूप में महेन्द्र यादव और श्रीमती मुनिया यादव में से किसी एक को देखा जा रहा है! लेकिन अगर हम बात करे जनता की तो सहानूभूती की लहर कांग्रेस के प्रति क्षेत्र में अभी दिखाई नही दे रही विधायक स्व. विधायक रामसिंह यादव के आकस्मिक निधन के बाद उनके परिवार में ऐसा कोई प्रबल राजनीतिक रणनीतीकार की मौजूदगी नही देखी गई लेकिन प्रथम दृष्ठता में चुनावी टिकिट सहानूभूती के आधार पर ही महेंद्र यादव या श्रीमती मुनिया यादव मिलना बताया जा रहा है। लेकिन क्षेत्र में ऐसी कोई सहानुभूती कि लहर हाल में नही देखी जा रही है। सहानुभूती की लहर कांग्रेस पर भारी पड़ सकती है। क्यूं की इतना लंबा वोट बेंक साधने के लिए कुशल नेतृत्व और चाणक्य रणनीतीकार की जरूरत है जो कांग्रेस में मंथन का विषय है। 

वरिष्ठ कांग्रेस नेता बैजनाथ सिंह यादव जिनकी पत्नि अभी जिला पंचायत अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद पर विराजमान है। जिनके पूत्र रामवीर सिंह यादव बदरवास जनपद उपाध्यक्ष है जिनके परिवार का जनाधार भी क्षेत्र में बड़ा माना जाता है। साथ ही कार्यकताओ में मजबूत पकड़ है। ऐसे में यदी बैजनाथ सिंह को कांग्रेस से कोलारस विधान सभा के लिए मजबूत उम्मीदवार माना जा रहा है। साथ ही दूसरा नाम 15 वर्ष से कोलारस नगर परिषद पर काबिज रविन्द्र शिवहरे को भी विधायक टिकिट का प्रवल दावेदारो में सबसे अहम माना जा रहा है रविन्द्र शिवहरे का कार्य करने का तरीका किसी से ढका छुपा नही है अगर युवा नेता को क्षेत्र का नेतृत्व करने का मौका मिला मो सबसे पहला नाम रविन्द्र शिवहरे का आएगा बताया जाता है कि रविन्द्र शिवहरे युवाओ में काफी लोकप्रिय है।

कोलारस में 15 वर्षो से जमीनी नेता के रूप में निरंतर कार्य करते आ रहे है। उनमें कुशल नेतृत्व करने की अपार क्षमता मौजूद है। वह नगर परिषद अलावा क्षेत्र के लोगो की भी समस्याओं का समाधान करते है। ऐसे में युवा नेतृत्व में सबसे पहला नाम रविन्द्र शिवहरे का शामिल है। साथ ही बंटी रघुवंशी, हरिओम रघुवंशी, भूपेन्द्र भोले यादव, भरत सिंह चौहान, सीताराम रावत भी विधान सभा की दावेदारी में शामिल है। यह सभी नेता अपने अपने क्षेत्र में अपना वर्चस्व बनाए हुए है। 

भाजपा की और से वीरेन्द्र रघुवंशी और देवेन्द्र जैन में प्रमुख रूप से टिकिट के दावेदार है। इसके अलावा अगर पार्टी में कोलारस उपचुनाव टिकिट को लेकर मतभेद सामने आए तो पार्टी एक बार फिर पूर्व विधायक ओमप्रकाश खटीक को टिकिट देकर मामले का निपटारा कर सकती है। इसके अलावा रामस्वरूप रिझारी, कल्याण सिंह यादव बांसखेड़ा भी टिकिट की दावेदारी दिखा रहे है।  

भाजपा की अंदरूनी कलह ने सोशल मीडिया पर मचाया धूम
कोलारस विधान सभा उपचुनाव के निकट ही कोलारस में भाजपा की अंदरूनी कलह भाजपा पदाधिकारियो के पेट से निकलकर सोशल मीडिया के माध्यम से बाहर आ रही है। जहां पार्टी के कुछ नेता सोशल मीडिया के माध्यम से अपना रोना रोने में लगे है। और कुछ उनहे चुप कराने में इस बीच जनता जमकर भाजपा की कलह पर जमकर चुटकी ले रही है। 

यहां भाजपा कार्यकर्ता जमकर एक दूसरे पर बिना नाम लिये जमकर कीचड़ उछाल रहे है। और वरिष्ठो को खूब कोस रहे है। इसका भी प्रभाव उप चुनाव में साफ देखा जा सकता है। भाजपा एक दूसरे की टांग खिंचाई में लगे रहेंगे और दूसरी पार्टी को इसका फायदा मिलना भी शुरू हो गया है। ऐसे में भाजपा से ही कुछ भेदी बनकर बनकर सामने आने लगे है। जो कांग्रेस की जीत और भाजपा की हार का रास्ता इख्तियार कर रहे है। है। भाजपा में उप चुनाव के शुरुआती दौर से ही हालात कुछ ठीक नहीं है।

सिंधिया के लिए प्रतिष्ठा का चुनाव
साथ ही क्षेत्रिय सांसद श्रीमंत ज्योतिरादित्य सिंधिया के लिए कोलारस और मुंगावली दोनो ही प्रतिष्ठा का चुनाव होगा। यहां पूर्ण टक्कर किसी प्रत्याशी की नही महल से रहेगी। यहां चुनाव सिंधिया और शिवराज के बीच के बीच प्रतिष्ठा का चुनाव होगा अभी हाल ही में अटेर और अब चित्रकूट की हार के बाद कांग्रेस में जबरजस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।
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