कोलारस विधानसभा उपचुनाव: राजनीतिक पार्टियो में मची हलचल, जनता को जमीनी नेता की तलाश

इमरान अली, कोलारस। विधायक रामसिंह यादव की असमय हुई मौत के कारण कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। विधायक के स्वर्गवास सिधारने के बाद ही चित्रकूट और मुंगावली की तरह कोलारस में भी उप चुनाव होना तय है। इस बीत कभी भी चुनाव आयोग चुनावी बिगुल फूक सकता है। 

उपचुनाव निकटम होने के चलते प्रदेश की दोनो ताकतबर पार्टियां के बड़े नेताओ की निगाह अब मुगाबली औश्र चित्रकूट की तरह कोलारस विधानसभा पर आकर टिक गई है। दोनो ही पार्टियां उप चुनावो मे कोई रिश्क लेने के मूड में नही है। जहां एक तरफ सुत्रो की माने तो भाजपा से कई मंत्रियो को कोलारस चुनाव के रूप में क्षेत्रिय सांसद श्रीमंत ज्योतिरादित्य सिंधिया को घेरने की पूरी कोशिश कर रही है। वहीं कांग्रेस की और से अभी कोई तैयारी जमीन पर नही देखी जा रही है।

उप चुनाव के निकटतक कोलारस विधानसभा से भाजपा के आधा दर्जन नेता टिकिट की वाट जोह रहे है। और अपने अपने आंकड़ेे बिठाने में लगे है। साथ ही वरिष्ठो को खुश करने की पुरजोर कोशिश कर अपने अंक बड़ाने में लगे है और अपनी दमदारी दिखा रहे है। इसमें सबसे पहले नाम शामिल है। पूर्व विधायक वीरेन्द्र रघुवंशी, पूर्व विधायक ओमप्रकाश खटीक, रामस्वरूप रिझारी, आलोक बिंदल, देवेन्द्र जैन, कल्याण सिंह यादव बांसखेड़ा, भाजपा जिलाध्यक्ष शुसील रघुवंशी, मंजू मिश्रा का नाम प्रमुख रूप से शामिल है। जिसमें कांग्रेस से बगावत कर कांग्रेस में शामिल हुए शिवपुरी के पुर्व विधायक वीरेन्द्र रघुवंशी पूर्ण रूप से जमीनी कार्य करने में लंबे समय से जुटे हुए है। 

वहीं कांग्रेस विधायक रामसिंह यादव की आकस्मिक निधन के बाद शुरूआत में सहानुभूती के रूप विधायक परिवार को टिकिट देने का मन बना बैठी है। बताया जाता है की विधायक रामसिंह यादव सिंधिया निष्ठ और सिंधिया परिवार के करीबी बताए जाते है। वहीं टिकिट का फैसला स्वतंत्र रूप से कांग्रेस से क्षेत्रिय सांसद श्रीमंत ज्योतिरादित्य सिंधिया को करना है। मुगावली की तरह की कोलारस सीट भी सांसद श्रीमंत ज्योतिरादित्य सिंधिया की प्रतिष्ठा से जोडक़र देखी जा रही है। लेकिन सहानुभूती की लहर कितना कारगर होगी यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा

लेकिन राजनीतिक पंडितो की माने तो स्व. विधायक रामसिंह यादव की स्वच्छ छवी और उनके 25000 वोट विजयी वोट बेंक को साधना उनके परिवार के लिए मुश्किल शाामिल होगा अगर ऐसा नही हुआ तो कांग्रेस को कोलारस विधानसभा से किरकिरी करानी पड़ सकती है। विधानसभा चुनावो में वोटरो को साधना कोई आसान कार्य नही है। राजनीतिक गलियारो में हो रही चर्चाओ के अनुसार विधायक रामसिंह जैसा कुशल राजनेंता उनके परिवार में फिलहाल नही देखा जा रहा है इस दौड़ में जमीनी जुड़ाव मायने रखेगा जो विधायक के परिजनो में अभी देखी नही गई।

इसी बीच इस दौड़ में अगर टिकिट सहानुभूती को न देखते हुए जनाधार और लोकप्रियता को देखते हुए दिया गया तो सबसे पहले नाम जिले के वरिष्ठ नेता जिला पंचायत अध्यक्ष पति बैजनाथ सिंह यादव के रूप में देखा जा रहा है। बताया जाता है की विधायक रामसिंह यादव के बाद सांसद श्रीमंत ज्योतिरादित्य सिंधिया के सबसे करीबी बैजनाथ सिंह यादव माने जाते है। उनके पास समाज के साथ अन्य समाज में भी बड़ा जनाधार है। 

राजनीतिक पंडितो की मांने तो बैजनाथ सिंह यादव पिछले लंबे समय से राजनीती में सक्रिय रहे है। और कई महत्वपूर्ण पदो पर उनका कब्जा रहा है जनता से सीधा जुड़ाव उनके व्क्तित्व की निशानी है। उनका जनाधार कांग्रेस को विजयी दिलाने में सफल हो सकता है। इसके अलावा कोलारस के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता 3 बार से नगर परिषद अध्यक्ष रविन्द्र शिवहरे का नाम भी इस दौड़ में शामिल है। जनता उनके द्वारा कियें गए कोलारस में विकासम से काफी प्रभावित है। इसके अलावा सीताराम रावत, योगेन्द्र रघुवंशी बंटी भैया, भूपेन्द्र सिंह भोले, हरिओम रघुवंशी, शिवनंदन पडऱेया, भरत सिंह चैहान का नाम भी उपचुनाव में दावेदारो में शामिल है। 
Share on Google Plus

About Yuva Bhaskar

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

-----------