मुनिसंघ का पिच्छिका परिवर्तन समारोह 5 को

शिवपुरी। प्रसिद्ध दिगम्बर जैनाचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के परम शिष्य मुनि श्री 108 अजितसागर जी महाराज, एलक श्री दयासागर जी महाराज एवं एलक श्री विवेकानंद सागर जी महाराज का पिच्छिका परिवर्तन समारोह आगामी रविवार 5 नबम्बर को मनाया जाएगा। आयोजन को भव्य बनाने के लिए जैन समाज बड़े स्तर पर तैयारियां कर रहा है। 

संयम के इस उत्सव में तीन नई पिच्छिका झांकी के माध्यम से मंच तक पहुंचेगी, और नियम-संयम और ब्रह्मचर्य व्रत लेने वालों को मुनि संघ से पुरानी पिच्छिका लेने और उन्हें नई पिच्छिका देने का सौभाग्य मिलेगा। उक्त सम्पूर्ण कार्यक्रम एलक श्री विवेकानन्दसागर जी महाराज के मार्गदर्शन में स्थानिय सावित्री सदन गार्डन में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम पष्चात सकल दिगम्बर जैन समाज के वात्सल्य भोज का भी आयोजन रखा गया है। 
          
वर्षायोग समिति के अध्यक्ष जितेंद्र जैन गोटू ने बताया कि आचार्यश्री विधासागरजी महाराज की संघ परम्परा में पिच्छिका लेने-देने की कोई बोली नहीं लगाई जाती है, वरन जो संयम के मार्ग को अंगीकार करते है, उन्हें प्रोत्साहन स्वरूप पुरानी पिच्छिका लेने का सौभाग्य मिलता है।

पिच्छिका संयम का उपकरण
महावीर जिनालय दिगंबर जैन मंदिर ट्रस्ट के महामंत्री चन्द्रसेन जैन ने बताया कि पिच्छिका संयम का उपकरण कहलाता है। दिगंबर साधु अपने साथ दो ही चीज रखते हैं, एक मयूर पंख की पिच्छी और दूसरा कमंडलु। मयूर पंख की पिच्छिका इतनी कोमल होती है, कि ऐसे जीव जो अदृश्य है, और आंखों से भी दिखाई नहीं देते, वो भी कभी मरते नहीं है। हिंसा बिलकुल नहीं होती है और अहिंसा धर्म का पालन होता है। चूँकि एक वर्ष में इसके पंख कड़े हो जाते हैं, अत: प्रति वर्ष इस पिच्छीका का परिवर्तन समारोह पूवर्क किया जाता है।

शिवपुरी 22 वां चातुर्मास है मुनिश्री का
उल्लेखनीय है, कि मुनि श्री अजितसागर जी महाराज का यह 22 वां चतुर्मास शिवपुरी में हो रहा है। इसके पूर्व वह 1996 से 1998 तक महुआ जी, नेमावर एवं भाग्योदय में छुल्लक-ऐलक अवस्था में तथा 1999 से 2001 तक मुनि अवस्था में क्रमश: इंदौर ,अमरकंटक और तिलवारा घाट में आचार्यश्री के सानिध्य में चातुर्मास कर चुके हैं। 2002 से 2016 तक के चातुर्मास क्रमश: बैरसिया, पथरिया, जैसीनगर, विदिशा, दमोह, गंजबासौदा, शाहगढ़, ललितपुर, खातेगांव, खुरई, बीना, मुंगावली, गोटेगांव, भोपाल और सतना में चातुर्मास कर चुके हैं। इन सभी जगहों के श्रद्धालु बड़ी संख्या में इस कार्यक्रम में शामिल होंगें। 
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