गुस्साए आदिवासियों ने किया देहात थाने का घेराव

शिवपुरी। शहर के देहात थाने का आज सुबह लगभग एक सैंकड़ा से अधिक आदिवासी महिला और पुरूषों ने घेराव कर लिया और वहां नारेबाजी कर पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि उनके समाज में शराब जैसी कुरीति को खत्म करने के लिए प्रयास किए जा रहे है, लेकिन पुलिस उनके उन प्रयासों पर पानी फेर रही है। आदिवासियों का नेतृत्व कर रहे सिरनाम आदिवासी ने बताया कि रात्रि में उनके समाज के तीन युवकों ने शराब पीकर उत्पात मचाया जिन्हें रात्रि में ही पुलिस के सुपुर्द कर दिया, लेकिन पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया। जो पुलिस की कार्यप्रणाली पर प्रश्रचिन्ह खड़े करता है। 

पुलिस के छूटने के बाद उक्त उत्पातियों ने कॉलोनी में काफी उत्पात मचाया। जिस कारण उन्होंने आज देहात थाने पहुंचकर पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया। हालांकि पुलिस अधिकारियों के समझाने और उक्त लोगों पर कार्यवाही करने के आश्वासन के बाद आदिवासी समाज के लोगों ने प्रदर्शन समाप्त किया।   

आदिवासी समाज के सिरनाम आदिवासी, अध्यक्ष राधाबाई, उपाध्यक्ष आशा आदिवासी,  सचिव नारायणी आदिवासी और बसंती अदिवासी ने जानकारी देते हुए बताया कि कल भाईदूज के चलते महलसराय सहराने में सभी लोग त्यौहार के रंग में डूबे हुए थे उसी दौरान उनके समाज के गेंदा आदिवासी, सूरज आदिवासी और अर्जुन आदिवासी शराब के नशे में धुत्त होकर वहां आए। जिन्होंने वहां जमकर उत्पात मचाना शुरू कर दिया। जिन्हें उनके परिजन और समाज के अन्य लोगों ने समझाने का प्रयास किया तो वह लडऩे पर आमद हो गए। माहौल को बिगड़ते देख वह तीनों को पकडक़र देहात थाने ले आए। 

जहां पुलिस ने तीनों शराबियों को बंद कर लिया, लेकिन उनके जाते ही पुलिस ने तीनों को छोड़ दिया। इसके बाद तीनों कुल्हाडिय़ां और लाठियां लेकर हंगामा करने पुन: वहां आ गए। जिन्हें समाज के लोगों ने पकड़ लिया और एक बड़ी घटना होने से बच गई। पुलिस की इस कार्यवाही से नाराज होकर आज सुबह बड़ी संख्या में महिला और पुरूष एकत्रित होकर देहात थाने पहुंचे। जहां उन्होंने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए थाने का घेराव कर लिया। लगभग एक घंटे चले प्रदर्शन के दौरान देहात थाना टीआई सतीश सिंह चौहान वहां नहीं पहुंचे। तब वहां मौजूद अन्य अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को बुलाकर उनसे चर्चा की और उन्हें आश्वासन दिया कि उक्त लोगों पर कार्यवाही की जाएगी तब कहीं जाकर प्रदर्शन समाप्त किया। 

महलसराय के आदिवासियों ने शराब छोडऩे का लिया था संकल्प 
पिछले दिनों महलसराय के आदिवासियों ने एक पंचायत कर निर्णय लिया था कि अब उनके मोहल्ले में कोई आदिवासी शराब नहीं पिएगा और यदि वह शराब पिएगा तो उसे समाज से बहिष्कृत कर दिया जाएगा। इस पंचायत के बाद भी जब तीन आदिवासी युवकों ने शराब पी तो पंचायत के निर्णयानुसार महलसराय के लोगों ने उन उत्पाती युवकों को पुलिस को सौंप दिया। 

इनका कहना है-
उन्होने कोई अपराध तो किया तो किया नहीं था। यह तो शराब बंदी के चलते पंचायत के फैसले के उल्लघंन में इन शराबियों को पुलिस ले आई थी। अब शराब पीना तो अपराध नहीं है। अगर कोई अपराध करते तो मामला दर्ज होता। अब रही बात पंचायत के फैैसले की तो वह फैसला करें कि इन पर क्या कार्यवाही करना है। 
सतीश सिंह चौहान,थाना प्रभारी देहात। 
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