परिवार परामर्श: दीपावली पर 7 टूटे परिवार फिर होगेंं एक साथ

शिवपुरी। इस दीपावली पर बर्षो से अलग रह रहे 7 परिवार फिर एक साथ दीपावली की खुशीयां मनाएगें। स्थानीय पुलिस कन्ट्रोल रूम में रविवार को आयोजित परिवार परामर्श केन्द्र के 15 वें शिविर में परामर्श दाताओं के प्रयासों से सात परिवारों की खुशियां वापस लौटाने की अभिनव पहल की गई। इन सभी में न केवल सुलह कराई गई बल्कि इनके परिवारों को भी भविष्य में कोई परिवारिक विवाद पैदा न करने की नसीहत दी गई। परिवार परामर्श केन्द्र की इस मीटिंग में कुल 20 प्रकरणों का चयन किया गया था। जहां दो प्रकरणों में दोनों पक्ष नहीं आए वहीं तीन प्रकरणों में एक पक्ष अनुपस्थित रहा जिसके कारण इन प्रकरणों का निराकरण नहीं हो सका। एक गुना से आई युवती के प्रकरण में यहां घरेलू हिंसा का प्रकरण बनाकर न्यायालय पेश करने की अनुशंसा की गई। वहीं दो प्रकरणों में पक्षकारों द्वारा न्यायालयीन प्रक्रिया अपनाई जाने से परामर्श केन्द्र समिति द्वारा प्रकरणों में सुनवाई नहीं की गई। दो प्रकरणों में दोनों पक्षकारों को न्यायालय में जाने हेतु सलाह दी गई। वहीं तीन प्रकरणों को आगामी दिनांक में उपस्थित होने हेतु कहा गया। 

रविवार को आयोजित परविार परामर्श केन्द्र के शिविर में परामर्श प्रारंभ करने के पूर्व शिवपुरी की जिला विधिक सहायता अधिकारी श्रीमती शिखा शर्मा का परिवार परामर्श केन्द्र की ओर से भावभीना स्वागत किया गया और उन्होंने विधिक सहायता के ऊपर प्रकाश डाला तथा विधिक सहायता के द्वारा क्या-क्या मदद दी जा सकती है इसके बारे में विस्तार से समझाया कि जो परामर्श केन्द्र में आए हुए गरीब परिवार हैं उन्हें न्याय सेवा सदन में रूकने की व्यवस्था की गई है। 

श्रीमती शिखा शर्मा ने स्वयं रूचि लेकर काउन्सलिंग की एक बैंच में बैठकर काउन्सलिंग में भाग लेकर महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया। इस अवसर पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश महोदय के द्वारा गठित 498 ए की समिति के मनोनीत अध्यक्ष सेवानिवृत्त डीएसपी शंभू सिंह जाट एवं सदस्यद्वय श्रीमती उमा मिश्रा एवं गुंजन खैमरिया का परिवार परामर्श केन्द्र की ओर से महिला शैल प्रभारी डीएसपी आनंद राय तथा सदस्यों के द्वारा पुष्प गुच्छ से स्वागत किया गया। 

लिखना प्रासंगिक होगा कि इस तीन सदस्यी समिति में दो सदस्य परिवार परामर्श केन्द्र के हैं और ये सभी सदस्यों के लिए गौरव की बात है। इस अवसर पर परिवार परामर्श केन्द्र की ओर से सक्रिय सदस्य राजेश गुप्ता, राम ने घोषणा की कि न्यायिक सेवा सदन में ठहरने वाले गरीब लोगों को रात्रि का भोजन सूचना देने पर उनके द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा। 

आज के शिविर में यूं तो सात प्रकरणों का निराकरण करके राजीनामा कराया गया। किन्तु इसमें सबसे दिलचस्व प्रकरण करैरा थाना क्षेत्र के एक परिवार का था। इस प्रकरण में पति इलैक्ट्रिकल इंजीनियर होकर झांसी में पदस्थ था वहीं पत्नि करैरा थाना क्षेत्र के ही एक गांव में आंगनबाड़ी में पदस्थ थी वह भी एम.ए के साथ-साथ डीएड थी। इन दोनों के पांच और दो साल के दो छोटे बच्चे भी थे तथा पारिवारिक कल के कारण दोनों अलग रह रहे थे और तलाक की स्थिति थी। 

काउन्सलरों द्वारा समझाईश देने पर न केवल दोनों ने अपनी गलती स्वीकारी बल्कि लडक़ी के सास ससुर के सामने लडक़ी ने अपने पति के साथ राजी खुशी रहने का बचन दिया और इसे सुनकर लडक़ी का ससुर रोने लगा। वहीं एक और दिलचस्व प्रकरण में शिवपुरी निवासी लडक़ी ने जिसका पति मुरैना का निवासी था ने आपस में प्रेम विवाह किया था और विगत तीन माह से दोनों अलग रहे थे तथा लडक़ी आठ माह की गर्भवती थी। आपसी विवाद के कारण इनमें मन मुटाव हो गया था और लडक़ी जहां आंगनबाड़ी में पदस्थ थी वहीं लडक़ा वेरोजगार हो गया था। परामर्शदाताओं के द्वारा इनकी काउन्सलिंग करके इन्हें एक किया गया और परामर्शदात्री श्रीमती किरण अशोक ठाकुर ने उस लडक़े को अपने विद्यालय में तत्काल नौकरी देने की घोषणा की जिससे उक्त दम्पत्ति अपना शेष जीवन खुशहाल बिता सकें। 

इस अवसर पर पुलिस कप्तान सुनील कुमार पाण्डे, डीएसपी महिला सैल आनंद राय, पुलिस परिवार परामर्श केन्द्र के जिला संयोजक आलोक एम इंदौरिया, सुरेशचन्द्र जैन नरवर वाले, भरत अग्रवाल, मथुरा प्रसाद गुप्ता, राजेश गुप्ता राम, राजेन्द्र राठौर, संतोष शिवहरे, राहुल गंगवाल, डॉ. विजय खन्ना, शंभूदयाल पाठक, डॉ. इकबाल खांन, श्रीमती उमा मिश्रा, पुष्पा खरे, स्नेहलता शर्मा, बिंदू छिब्बर, आनंदिता गांधी, श्वेता गंगवाल, गुंजन अजय खैमरिया, रवजीत ओझा, श्रीमती किरण अशोक ठाकुर, श्रीमती आकला खान कुर्रेशी उपस्थित थे। 
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