अस्पताल में बंद होगी मंगलम की भोजन सेवा, शासन ने उठाया ऑब्जेक्शन

शिवपुरी। समाज सेवा के लिए शहर मेें जाने वाली संस्था मंगलम  की अब अस्पताल में समाज सेवा बंद होंगी। बताया गया है कि इस समाज सेवा पर शासन ने ऑब्जेक्शन उठा दिया है। शासन के नियमो को अस्पताल में लागू करते हुए जिला अस्पताल के सिविल सर्जन ने विधिवत पत्र भी जारी कर दिया है। 

यह है मामला 
अभी तक जिला सरकारी अस्पताल में भर्ती मरिज और प्रसूताओ को सुबह का नाश्ता और सुबह और रात का खाना दिया जाता है,इस नाश्ता और खाने की व्यवस्था शहर की संस्था मंगलम करती थी। बताया गया है कि अस्पताल में भर्ती मरिजो का वार्डो के हिसाब से नर्स तैयार करती थी और एक प्रति मंगलम को जाती थी। 

इसी चार्ट के अनुरूप संख्या के हिसाब से प्रतिदिन मरिजो का खाना तैयार होकर मरिजो को वितरित किया जाता है। औसतन प्रत्येक दिन 9 से 10 हजार मरिजो का खाना व नाश्ता मंगलम के द्वारा तैयार किया जाता था। खबर आ रही है कि समान्य मरिजो और  के लिए दिया जाने वाले नाश्ते और खाने का भुगतान 40 रूपए के हिसाब से प्रति मरिज किया जाता था। 

प्रसुता के लिए पोष्टिक भोजन की व्यवस्था की जाती थी और इनके नाश्ते और भोजन पर प्रतिदिन 80 रू प्रति प्रसुता का भुगतान होता था,मंगलम अस्पताल में भर्ती शिशुओ के पोष्टिक आहार की भी व्यवस्था करती है। कुल मिलाकर लगभग साढे पांच लाख रूपए के आसपास प्रत्येक माह अस्पताल प्रबंधन मंगलम द्वारा अस्पताल में दिए जाने वाले खाने  का भुगतान करता था। 

लेकिन अब शासन ने मंगलम द्वारा वितरित भोजन पर प्रतिबंध लगा दिया है। बताया जा रहा है कि पिछले वर्ष स्वास्थय विभाग की प्रमुख सचिव गौरी सिंह शिवपुरी आई थी और उन्होने शासन के नियमो का हवाला देते हुए मंगलम से आने वाले खाने को बंद करवाने के आदेश दिए थे, और कहा था कि मरिजो को दिए जाना वाला नाश्ता और खाना अस्पताल प्रबंधन ही तैयार करवाए और वितरित करे। 

लेकिन तात्कालिन सीविज सर्जन गोविंद सिह ने अपने प्रमुख सचिव का आदेश फलो नही किया था। अब अस्पताल के सिविल सर्जन जेएस त्रिवेदिया ने मंगलम से आने वाले खाने पर रोक लगाते हुए विधिवत नोटशीट आगे कार्रवाई के लिए बढा दी है। 

इस पूरे प्रकरण में एक बात सामने निकल कर आ रही है कि अभी तक मंगलम द्वारा अस्पताल के मरिजो को नाश्ता और भोजन वितरित किया जाता था, लेकिन अब अस्पताल प्रबंधन द्वारा निर्मित भोजन और नाश्ता मरिजो को दिया जाऐगा। 
अस्पताल प्रबंधन पर मरिजो के ईलाज पर लापरवाही के आरोप अक्सर लगते रहते है, अब प्रतिदिन इतनी संख्या में मरिजो के लिए नाश्ते और खाने का कैसे इंतजाम करेगा। अभी से ही शासन के इस फैसले पर सवाल खडे हो रहे है कि नाश्ता और खाना गुणवत्ता युक्त होगा की नही,समय से वितरित होगा की नही क्यो कि जिला अस्पताल वैसे ही स्टॉफ की कमी से जूझ रहा है। 
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