ट्रांसफर के बाद भी कुर्सी नहीं छोड़ रहा था भ्रष्ट सब इंजीनियर राकेश

शिवपुरी। बीते रोज जनपद पंचायत शिवपुरी के जिस सब इंजीनियर को लोकायुक्त टीम ने बीते रोज 30 हजार की रिश्वत सहित दबोचा उसका तबादला चार अगस्त को ही हो चुका था। उसके बावजूद उक्त सब इंजीनियर जनपद पंचायत में जमा हुआ था। जिला पंचायत द्वारा प्रमुख सचिव जुलानिया के निर्देश के बाद जारी मनरेगा कर्मचारियों की तबादला सूची में सब इंजीनियर का नाम भी शामिल था, लेकिन न सिर्फ सब इंजीनियर राकेश हरिओध बल्कि दो ऑपरेटर भी तबादले के बाद जनपद पंचायत में डटे हुए हैं। अब इस मामले को लेकर जब वरिष्ठ अधिकारीयों से चर्चा की तो वह भी जांच कर कार्यवाही की बात कहते नजर आए। 

जहां बताना होगा की इससे पहले भी शिवपुरी में एडीएम सहित कलेक्ट्रेट में नाक के नीचे कई अधिकारी भ्रष्टाचार के मामले में लोकायुक्त के हाथ चढ़े है। उसके बाबजूद भी इन पर कोई कार्यवाही न होने से इनके होसले बुलंद है। अभी कुछ दिनों पहले लोकायुक्त ने फूड इंस्पेक्टर हनुमान मित्तल को भी रंगे हाथों दबौचा था। 

रिश्वत काण्ड में सरेआम दबौचे जाने के बाद भी उक्त फूड इंस्पेक्टर अपनी हरकतों से बाज नहीं आया और बैराड़ में बसूली करने जा पहुंचा। अब इस तरह से इन भ्रष्टाचारीयों पर कोई भी ठोस कार्यवाही नहीं होना इन्हें सरेआम खुला सरक्षण प्राप्त कर रही है और यह अधिकारी जमकर पब्लिक को लूटने में लगे हुए है। 
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