परिवार परार्मश : नवजात को गोदी में लिया, बहे आंसु और हो गया समझौता, सात जोड़े हुए एक दूसरे के

शिवपुरी। जिला पुलिस परिवार परामर्श केन्द्र के द्वारा आयोजित शिविर में परामर्श केन्द्र के काउन्सलरों की कड़ी मेहनत से एक बार पुन: सात पति-पत्नियों को पुन: एक करने की भागीरथी सफलता प्राप्त हुई। इससे जहां साथ टूटते हुए परिवारों को बचाया गया वहीं उनके बच्चों के भविष्य को भी सुरक्षित करने में सफलता प्राप्त हुई। 

शिविर का प्रारंभ राष्ट्रगान से हुआ और उसके बाद महिला सैल के प्रभारी नवागत डीएसपी आनंद राय का काउन्सलरों ने पुष्प गुच्छ और मालाओं के द्वारा स्वागत किया और आशा जताई कि उनके साथ काम करके टूटते हुए परिवारों को बचाने में सभी काउन्सलर अपनी-अपनी भूमिकाओं का निर्वहन करेंगे। इस अवसर पर महिला सैल में पदस्थ एएसआई तवसुम खांन का भी स्वागत किया गया।  

स्थानीय पुलिस कन्ट्रोल रूम में आयोजित परिवार परामर्श के शिविर में  कुल 23 प्रकरण प्रस्तुत किए गए जो अभी तक के सर्वाधिक प्रकरण थे। इनमें सात परिवारों के बीच जहां राजीनामा हुआ तो सात प्रकरणों में एक पक्ष उपस्थित नहीं था। इसके अतिरिक्त दो प्रकरणों में दोनों पक्ष अनुपस्थित थे तथा तीन प्रकरणों में पुन: काउन्सलिंग के लिए बुलाया जाना उचित समझा गया। एक प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण सुनवाई में नहीं लिया गया। तो वहीं दो प्रकरण में न्यायालय में जाने की पक्षकारों को समझाईश दी गई। एक प्रकरण में पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार पाण्डेय द्वारा संबंधित थाना प्रभारी को एफआईआर हेतु आदेशित किया गया। 

इस शिविर में एक प्रकरण सबसे ज्यादा जटिल था जिसको सुलझाने में काउन्सलरों को बड़ी मेहनत करना पड़ी। अमीना बाई (परिवर्तित नाम) निवासी पिछोर एवं उसके पति मजीब (परिवर्तित नाम) निवासी खनियांधाना के बीच लम्बे समय से विवाद चला आ रहा था। इस विवाद में दोनों समधियों के बीच भी अनबोले की स्थिति थी और ये जटिल केस सुलझने की स्थिति में नहीं था। अंत में जब काउन्सलरों की समझाईश के बाद पति ने पहलीबार अपनी तीन माह की बच्ची को गोद में लिया तो उसकी आश्रुधारा बह निकली और उसके साथ ही उसकी पत्नि और सास ससुर के बीच आसुओं का सैलाब बह निकला। 

इसके तत्काल बाद दोनों समधियों ने सलाम करके गले मिले और उनके सारे सिकवे शिकायत उस नवजात नन्हीं बच्ची ने दूर कर दिए और पुन: ये परिवार एक हो गया। इसी तरह एक अन्य प्रकरण में शिवपुरी निवासी एक जोड़े में विवाद था। पत्नि ने पति को अपनी गांव की जमीन बेच कर शिवपुरी में अपने नाम से मकान ले लिया और बांकी अन्य जमीन बेचने को भी दवाब डाल रही थी और अपने पति से अलग नए मकान में रह रही थी। परिवार परामर्श केन्द्र के काउन्सलरों की समझाईश के दोनों पति पत्नि एक साथ रहने को राजी हो गए। इस तरह परिवार परामर्श केन्द्र के काउन्सलरों ने कड़ी मेहनत और अपने प्रयासों से सात परिवारों को एक करने में सफलता प्राप्त की। 

तीन प्रकरणों में काउन्सलरों ने पति-पत्नि को पुन: काउन्सलिंग के लिए अगली तारीख दी है ताकि उनको दी गई समझाईश पर मनन करें। काउन्सलरों को उम्मीद है कि अगली सुनवाई के समय ये तीन भी एक हो जायेगे। क्योंकि इन तीनों के बीच ईगो की समस्या आड़े आ रही है। एक प्रकरण में पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार पाण्डेय ने एफआईआर के निर्देश संबंधित थाना प्रभारी को दिए। महिला सैल के सभी पुलिस कर्मियों ने इस काउन्सलिंग को सफल बनाने में अपना योगदान दिया। 

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार पाण्डेय, महिला सैल प्रभारी डीएसपी आनंद राय, परिवार परामर्श केन्द्र के जिला संयोजक आलोक एम इंदौरिया सहित मथुरा प्रसाद गुप्ता, सुरेशचन्द्र जैन, राजेश जैन राजू, भरत अग्रवाल, हरवीर सिंह चौहान, संतोष शिवहरे, डॉ. इकबाल खांन, डॉ. विजय खन्ना, राकेश शर्मा, शंभू पाठक, श्रीमती पुष्पा खरे, गूंजन अजय खैमरिया, स्नेहलता शर्मा, प्रीति जैन, आनंदिता गांधी, मृदुला राठी, किरण ठाकुर, शिखा अग्रवाल, श्वेता गंगवाल, नम्रता गर्ग उपस्थित थे।   
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