शर्मसार हुई परिषद : महिला पार्षदों का बहिष्कार, कमीशन के आरोप

शिवपुरी। नगर पालिका परिषद की आज की बैठक में सारी मर्यादाएं तार-तार हो गईं। नैतिकताए गरिमा और एक दूसरे को सम्मान की सारी सीमाएं टूट गईं। बैठक के एजेण्डे पर कोई बात नहीं हुई और एक दूसरे पर छींटाकशीए गाली गलौच और कमीशनखोरी के आरोप खुलेआम लगाए गए। नगर पालिका अध्यक्ष मुन्नालाल कुशवाह और मुख्य नगर पालिका अधिकारी रणवीर कुमार पुरूष पार्षदों के निशाने पर रहे। 

सडक़, बिजली, पानी, सफाई और प्रकाश व्यवस्था के लिए पार्षदों के निशाने पर नगर पालिका प्रशासन रहा। परिषद का ऐसा वीभत्स, घिनौना और भयानक रूप पहले कभी देखने को नहीं मिला। सीएमओ रणवीर कुमार पर 25 प्रतिशत कमीशन के आरोप लगे तो नगर पालिका अधिकारी और कर्मचारी बैठक छोडक़र जाने लगे। 

नपा उपाध्यक्ष की पहल पर वे वापिस लौटे, लेकिन परिषद का माहौल जब नहीं सुधरा और महिला पार्षदों को बोलने का मौका नहीं मिला तो उनका आक्रोश फूट पड़ा। महिला पार्षदों ने दलगत राजनीति की सीमा से ऊपर उठकर बैठक का बहिष्कार कर दिया। 

महिला पार्षद साहिस्ता खान ने कहा कि उनके वार्ड में पेयजल संकट सहित अनेक समस्याएं हैं,लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही और परिषद में उन्हें बोलने का मौका नहीं दिया जा रहा तो फिर ऐसी परिषद में बैठने का फायदा क्या है।

बहिष्कार करने वाली महिला पार्षद हैं नीलम बघेल,सकुन भदौरिया, साहिस्ता खान,वर्षा गुप्ता,ज्योति धाकड़, मीना आर्य, राजकुमारी कुशवाह, सरोज धाकड़,किरण खटीक,जरीना शाह और ममता सेजवार। महिला पार्षदों के बहिष्कार के बाद उन्हें मनाने के लिए परिषद की बैठक आधा घंटे के लिए स्थगित कर दी गई। 

जानकारी के अनुसार पिछले दिनों परिषद की अपूर्ण बैठक को पूर्ण कराने के लिए अचानक बैठक बुला ली गई। बैठक की सूचना नगर पालिका के नोटिस बोर्ड पर चस्पा की गई और पार्षदों को व्यक्तिगत रूप से इसकी जानकारी नहीं दी गई। बैठक में भाजपा पार्षद काफी आक्रामक अंदाज में पहुंचे थे और उनके सहयोगी कांग्रेस पार्षद आकाश शर्मा थे जबकि अन्य कांग्रेस पार्षदों ने पूरे समय चुप्पी साध रखी थी। 

उन पर भ्रष्टाचार तथा कमीशनखोरी एवं निष्क्रियता के आरोप मढ़े गए। उन पर जब एलईडी खरीद में 25 प्रतिशत कमीशन के आरोप लगाए गए तो सीएमओ उखड़ गए और उन्होंने कहा कि खरीद के समय तो वह शिवपुरी नहीं आए थे इस पर आरोप स्वास्थ्य अधिकारी गोविन्द भार्गव पर मढ़े गए तो सीएमओ सहित नगर पालिका अधिकारियों और कर्मचारियों ने बैठक का बहिष्कार कर बाहर जाने का मन बनाया,लेकिन कुछ समय बाद ही वह वापिस आ गए। 

बैठक में सहायक यंत्री और जल शाखा प्रभारी एसके मिश्रा की अनुपस्थिति पर संज्ञान लेते हुए परिषद में उनकी निंदा का प्रस्ताव लिखा गया जिस पर सीएमओ ने हस्ताक्षर करने से इंकार किया तो पार्षद आकाश शर्मा उखड़ पड़े और उन्होंने कहा कि पहले भी निंदा प्रस्ताव पर सीएमओ हस्ताक्षर कर चुके हैं। 

पार्षद विजय खन्ना ने बैठक का माहौल खराब होने के लिए सीएमओ को जिम्मेदार ठहराया और यहां तक कहा कि यदि आधे घंटे के लिए मुझे सीएमओ बना दो तो मैं सब कुछ ठीक कर दूंगा। पेयजलए सफाई,सडक़ और बिजली के लिए भी नगर पालिका प्रशासन को आरोपों के घेरे में लिया गया। 

कांग्रेस पार्षद आकाश शर्मा और नपाध्यक्ष कुशवाह के बीच हुई तीखी बहस
नगर पालिका परिषद की बैठक में कांग्रेस का अनुशासन भी तार.तार दिखा। कांग्रेस पार्षद आकाश शर्मा ने अपने दल के नपाध्यक्ष मुन्नालाल कुशवाह पर आरोपों की झड़ी लगा दी। उन्होंने यहां तक कहा कि मैं निर्वाचित पार्षद हूं और उन्होंने जब पार्षद पद का चुनाव लड़ा था तो उनकी जमानत जप्त हो गई थी। 

विवाद तब हुआ जब नपाध्यक्ष कुशवाह ने पार्षद आकाश शर्मा को बोलने से रोका और कहा कि वह परिषद की बैठक में अड़ंगा लगा रहे हैं। इस पर श्री शर्मा बिफर उठे और वह बोले कि मैं गलत क्या कह रहा हूं जिसके बाद श्री कुशवाह ने उन्हें हिदायत दी कि जनता के लिए काम करो तो श्री शर्मा का जवाब था कि मैं निर्वाचित पार्षद हूं और जनता के लिए ही काम कर रहा हूं आप क्यों मुझ पर दादागिरी दिखा रहे होए आपकी मनमानी नहीं चलेगीए तुम्हारी तो जमानत जप्त हो गई थी। मामला जब तूल पकड़ा तो नपा उपाध्यक्ष अन्नी शर्मा ने बीच बचाव कर मामला शांत कराया। 

सुधर जाओ वरना यहां अधिकारियों के मुंह भी काले हो जाते हैं
बैठक में नपा अधिकारियों की अनुपस्थिति पर रोष व्यक्त करते हुए नपा उपाध्यक्ष अन्नी शर्मा ने कहा कि बैठक में सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को उपस्थित होना चाहिए। परिषद में आज के एजेण्डे में जल बिन्दु भी शामिल था और इसमें प्रशासन का पक्ष रखने के लिए जल शाखा के प्रभारी एसके मिश्रा को उपस्थित होना चाहिए था,लेकिन कभी स्वास्थ्य अधिकारी तो कभी कोई अधिकारी बैठक में से गायब हो जाता है। गुस्से में श्री शर्मा ने सीएमओ की ओर मुखातिब होते हुए कहा कि सुधर जाओ वरना यहां अधिकारियों के मुंह भी काले हो जाते हैं। उन्होंने आदेश दिया कि तुरंत ही जल शाखा के प्रभारी मिश्रा के विरूद्ध निंदा प्रस्ताव लिखा जाए। 
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