Friday, August 11, 2017

गौशाला में आवारा पशुओं को छोडने गए तो संचालक बोले जगह नहीं है

खनियाधाना। जिले के खनियाधाना क्षेत्र के आस पास के क्षेत्र में फसलों को नुकसान पहुंचा रहे आवारा पशुयों को लेकर जब ग्रामीण दयोदय गोशाला पहुचे तो दयोदय गोशाला संचालक ने आवारा पशुयों को गोशाला में रखने से मना कर दिया ग्रामीणों ने संचालक से बहुत निवेदन किया पर संचालक बस एक ही बात कहते रहे कि हमारे पास पर्याप्त जगह नही है कि हम इन आवारा पशुयों को गोशाला में रख सके। 

जब ग्रामीणों की बात संचालक मानते नही दिखे तो ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी कि फसल का नुकसान कर रहे। आवारा पशु गोशाला में नही रख रहे है तो पुलिस मौके पर पहुची ओर जानकारी ली तो संचालक ने पुलिस से भी यही कहा कि हमारे पास पर्याप्त जगह नही है। 

हम पशुयों को गोशाला में रख सके आखिर कर संचालक ने पुलिस की भी नही मानी तो तहसीलदार खनियाधाना ने मौके पर पहुच कर गोशाला का जायजा लिया और संचालक से लिखित में जवाब मांगा की अगर आपके पास पशु रखने के लिये पर्याप्त जगह नही है तो आप लिखित में दे तो संचालक ने आना कानी करते हुये लिखित में दिया कि हमारे पास 190 पशु गोशाला में पूर्व से है और अब इससे ज्यादा पशु रखने की छमता नही है।

इससे हम ओर पशु गोशाला में नही रख सकते जब गोशाला का निरीक्षण कुछ पत्रकार व ग्रामीणों ने किया तो पूरी गोशाला खाली थी और फिर भी गोशाला संचालक ने पशुयों को रखने से मना कर दिया व ग्रामीणों तहसीलदार तथा पत्रकारों को गुमराह कर चलता कर दिया बजरंगदल व ग्रामीणों में रोश के दौरान तहसीलदार को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा है।

पूर्व में गोशाला में रहती थी 2000 गाय पर अब छमता क्यो हो गई कम 
अब से करीब 1 वर्ष पूर्ब इसी दयोदय गोशाला में 2000 गाय रहा करती थी और फिर भी इस गोशाला में जगह कम नही पड़ती थी पर अब इस गोशाला में ऐसा क्या हो गया की 200 गायो से अधिक नही रखी जा रही क्या 1 वर्ष में दयोदय गोशाला छोटी हो गई या फिर कुछ और कारण है या फिर सब गोशाला के नाम पर सब दिखावा है। 

क्या रुपये मांगने की पोल खुलने से नही की गाय अंदर
जब ग्रामीणों ने गोशाला कर्मचारी की पोल संचालक के सामने खोली तो नाजाने संचालक क्यो भडक़ उठे की आवारा पशुयों को गोशाला में अंदर करने से मना कर दिया और ग्रामीणों को धुत्कार कर बापस कर दिया जब कि दयोदय गोशाला खनियाधाना में पर्याप्त जगह थी की गोशाला मे आवारा पशुयों को अंदर किया जा सकता था सायद रुपयो की मांग की पोल खुलने से संचालक ने पहुयो को अंदर नही किया और तहसीलदार को भी चलता कर दिया। 

बजरंगदल ने ग्रामीणों के साथ दिया कलेक्टर के नाम ज्ञापन 
जब आवारा पशुयों को गोशाला में अंदर न करने की बात बजरंग दल के कुछ सदस्यों को लगी तो उनमें गुस्सा फूट गया और ग्रामीणों के साथ तहसीलदार जनक सिंह अपूरिया को कलेक्टर के नाम ज्ञापन दिया और नई गोशाला व दयोदय गोशाला पर कार्यवाही की मांग बजरंग दल और ग्रामीणों ने की है अब देखना यह है कि कार्यवाही कब तक होती है और क्या कार्यवाही होती है 

इनका कहना है-
अभी जो ज्ञापन दिया है ग्रामीणों ने ओर बजरंग दल ने उसको मेने अभी देखा नही है पहले में ज्ञापन को देख लू इसके बाद जो भी उचित कार्यवाही होगी बो की जायेगी 
तरुण राठी कलेक्टर शिवपुरी

हां गोशाला का मामला मेरे संज्ञान में आया था और में गया था मेने वहा जाकर देखा कि गोशाला में जगह तो पर्याप्त थी पर संचालक का कहना था कि हमारे पास पर्याप्त जगह नही है इससे हम ओर पशुयों को नही रख सकते है और रुपये मांगने की बात ग्रामीणों के हिसाब से सत्य लग रही है और जिसने मांगे है वो कह रहा है कि मैने नही मांगे है यह तो जांच के बाद ही पता लग सकता है कि कौन सत्य बोल रहा है ज्ञापन बजरंग दल और ग्रामीणों ने कलेक्टर साहब के नाम दिया है वो मेने कलेक्टर साहब को भेज दिया है ।
जनक सिंह अपूरिया, तहसीलदार खनियाधाना

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