Wednesday, July 12, 2017

पेमेंट न मिलने का देखो डर: दर्ज एफआर्ईआर वापिस लेने दोशियान ने दिया आवेदन

शिवपुरी। 5 जुलाई को मड़ीखेड़ा में सिंध जलावर्धन योजना के द्वितीय चरण का लोकार्पण करने गए नपाध्यक्ष मुन्नालाल कुशवाह, उपाध्यक्ष अन्नी शर्मा एवं 50 अन्य कांग्रेसियों के खिलाफ दोशियान कंपनी के महाप्रबंधक महेश मिश्रा ने अभद्र व्यवहार और जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज कराया था। सूत्र बताते हैं कि सतनवाड़ा थाने में दर्ज इस मामले में कार्यवाही न किए जाने के लिए फरियादी महेश मिश्रा ने पुलिस को आवेदन दिया है। 

सूत्र बताते हैं कि फरियादी और आरोपी कांग्रेसियों के बीच मध्यस्थता दोशियान के संचालक रक्षित दोषी के दबाब के कारण हुई है। वहीं नगरपालिका के एक उपयंत्री ने भी इस मध्यस्थता में अहम रोल का निर्वहन किया है। बताया जाता है कि उक्त उपयंत्री के जीएम महेश मिश्रा से बहुत अच्छे संबंध हैं। 

सिंध जलावर्धन योजना ठेकेदार फर्म दोशियान द्वारा संचालित की जा रही है तथा इस योजना में क्रियान्वयन एजेंसी नगरपालिका है। इस तरह से दोशियान और नगरपालिका  का चोली दामन का साथ है। ऐसी स्थिति में दोनों के बीच कड़वाहट योजना क्रियान्वयन में बाधक बनेगी यह तय है। कांग्रेसियों पर मामला दर्ज होने के बाद राजनीति गर्मा गई थी। नपाध्यक्ष मुन्नालाल कुशवाह का कहना है कि संस्था प्रमुख होने के नाते उन्हें योजना का निरीक्षण करने तथा पूछताछ का अधिकार है।

नपा उपाध्यक्ष अन्नी शर्मा ने सांसद सिंधिया को बताया कि यदि कांग्रेसियों द्वारा मड़ीखेड़ा पर दाोशियान अधिकारियों तथा कर्मचारियोंं से दुर्व्यवहार किया जाता तो उक्त समाचार, समाचार पत्रों की सुर्खियां अवश्य बनता क्योंकि उस समय घटना स्थल पर मीडिया भी थी। मामला दर्ज होने के बाद दिल्ली जाकर नपाध्यक्ष कुशवाह और उपाध्यक्ष अन्नी शर्मा सांसद सिंधिया से मिले और उन्हें बताया कि राजनैतिक द्वेश वश यह मामला कायम कराया गया है और फरियादी मिश्रा इस पूरे खेल में मोहरे बने हैं। 

सूत्र बताते हैं कि श्री सिंधिया ने नपा के दोनों पदाधिकारियों को आश्वस्त किया कि वह इस संबंध में दोशियान के संचालक रक्षित दोषी  से बातचीत कर उन्हें केस वापस करवाने को कहेंगे। वहीं वह इस मामले में एसपी से भी चर्चा करेंगे। सूत्र बताते हैं कि श्री सिंधिया ने मुख्य नगरपालिका अधिकारी रणवीर कुमार को भी दिल्ली तलब किया था और उनसे कहा था कि वह विवाद सुलझाने में मध्यस्थता की भूमिका निभाए। 

वहीं नपा उपाध्यक्ष अन्नी शर्मा ने योजना का काम देख रहे एक उपयंत्री के जरिए मध्यस्थता की बात चलाई। जिसका परिणाम यह हुआ कि फरियादी मिश्रा पर राजीनामे के लिए चौतरफा दबाब पड़ा। जिसके फलस्वरूप सूत्र बताते हैं कि श्री मिश्रा ने पुलिस को लिखकर दे दिया कि वह अपने द्वारा दर्ज कराये गए मामले में कोई कार्यवाही नहीं चाहते हैं। 

कांग्रेसियों पर कार्यवाही में उनकी कोई रूचि नहीं: श्री मिश्रा
फरियादी महेश मिश्रा ने इस संवाददाता से चर्चा करते हुए कहा कि प्रकरण भले ही उन्होंने कांग्रेसियों पर दर्ज करा दिया है लेकिन उन पर कार्यवाही में उनकी कोई रूचि नहीं है। श्री मिश्रा ने स्वीकार किया कि एफआईआर के बाद वह पुलिस को पहले ही लिखकर दे आएं है कि कार्यवाही में उनकी दिलचस्पी नहीं है। श्री मिश्रा ने कहा कि अभी तो राजीनामा नहीं हुआ है लेकिन यदि कांग्रेसी अपनी गलती मानकर माफी मांग ले तो मै राजीनामे के लिए तैयार हूं। 

न्यायालय में होगा राजीनामा
कानून विशेषज्ञों के अनुसार भादवि की धारा 506 में न्यायालय के बाहर राजीनामा संभव नहीं है। इस मामले मे राजीनामा करने हेतु पहले न्यायालय में चालान पेश करना होगा और साथ ही दोनों पक्षों की सहमति से राजीनामा पेश होगा जिस पर न्यायालय निर्णय लेगा कि यह मामला चलाया जाये अथवा केस वापस लेने की सहमति दी जाये। 

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