राजनीति: मुन्ना अपत्ति लगाने से हटे पीछे, लेकिन दिल्ली दरबार में श्रेय में सबसे आगे

शिवपुरी। शिवपुरी के विकास के लिए नेता भले ही एक दूसरे ने टकराए, लेकिन भूमिपूजनो को लेकर शिवपुरी की राजनीति में हमेशा टकहराट रहती है। हलाकि यशोधरा राजे सिंधिया और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच सर्वाजनिक टकहराट नही हुई है, लेकिन उनके समर्थक हमेशा टकराते रहते है। अभी हाल में शिवपुरी की सडको के भूमिपूजन के राजे के कार्यक्रम से कांग्रेस शिवपुरी से लेकर दिल्ली स्थित ​सिंधिया तक का दरवार हिल गया था। 

अभी यशोधरा राजे सिंधिया के हाल के दौरे में शिवपुरी की सडको के भूमिपूजन को कार्यक्रम जारी हुआ था। लेकर किन्ही कारणा से भूमिपूजन नही हुआ, लेकिन जैसे ही भूमिपूजन के कार्यक्रम के बाद शिवपुरी की पूरी की पूरी कांग्रेस  इस कार्यक्रम को कैसे भी कोई भी नपा के नियमो को पेच फसाकर रूकवाने का प्रयास कर रही थी। 

इसके बाद बताया जाता है कि कल सुबह सांसद प्रतिनिधि हरवीर सिंह रघुवंशी के निवास स्थान पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष रामसिंह यादव, सिंधिया जनसंपर्क कार्यालय के प्रभारी अमिताभ हर्षी, वरिष्ठ कांग्रेस नेता केशव सिंह तोमर और राकेश गुप्ता, हरवीर सिंह रघुवंशी, नगर पालिका अध्यक्ष मुन्नालाल कुशवाह एवं उपाध्यक्ष अन्नी शर्मा की बैठक हुई। 

सूत्र बताते हैं कि दो घंटे से अधिक यह बैठक चली और इसके बाद तय किया गया कि कलेक्टर को लिखकर आपत्ति से अवगत कराया जाए। पत्र में लिखा जाए कि एक गलत परंपरा की शुरूआत हो रही है। भूमि पूजन कार्यक्रम में नगर पालिका के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को विश्वास में नहीं लिया गया। बैठक में नपा उपाध्यक्ष अन्नी शर्मा ने अध्यक्ष से पूछा कि उनकी बिना सहमति के भूमि पूजन कैसे हो सकता है। 

वह अपने अधिकारों का इस्तेमाल कर सीएमओ के जरिये भूमि पूजन कार्यक्रम स्थगित कर दें, लेकिन नपाध्यक्ष हिम्मत नहीं जुटा पाए और इसके बाद बैठक दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक नपाध्यक्ष मुन्नालाल कुशवाह के निवास स्थान पर बैठक चली। बैठक में कलेक्टर के नाम एक पत्र बनाया गया। 

जिसमें आपत्तियों के अलावा जिक्र किया गया था कि उक्त सड़कों का ठेकेदार से न तो अनुबंध हुआ है और न ही ठेकेदार को वर्क ऑर्डर जारी किया गया है। ऐसी स्थिति में भूमि पूजन की वैधानिकता कहां रह जाती है। यह निर्णय लिया गया कि कलेक्टर के उपलब्ध न होने पर आपत्तियों को प्रभारी सीएमओ के माध्यम से कलेक्टर को अवगत कराया जाए।

नपाध्यक्ष कुशवाह ने इसके बाद प्रभारी सीएमओ गोविन्द भार्गव से बातचीत की। इस कबायद का परिणाम रहा या अन्य कोर्ई कारण परन्तु यशोधरा राजे ने कल सड़कों का भूमि पूजन नहीं किया। हालांकि भाजपाईयों का कहना है कि पारिवारिक कमी के कारण दौरा बीच में छोड़कर यशोधरा रोजे चली गई। इसी कारण भूमि पूजन नहीं हो सका। 

भूमि पूजन निरस्त होने पर सिंधिया को किया फैक्स
यशोधरा राजे द्वारा सड़कों का भूमि पूजन निरस्त किए जाने पर नपाध्यक्ष मुन्नालाल कुशवाह ने सांसद सिंधिया को फैक्स भेजा और उन्हें बताया कि उनकी आपत्ति और प्रयासों के कारण भूमि पूजन कार्यक्रम यशोधरा राजे को निरस्त करना पड़ा। 

सूत्र बताते हैं कि श्री कुशवाह ने फैक्स में लिखा है कि जब उन्हें यशोधरा राजे द्वारा भूमि पूजन की जानकारी मिली तो उन्होंने प्रभारी सीएमओ गोविन्द भार्गव को फटकार लगाते हुए कहा कि बिना उनकी जानकारी के कैसे भूमि पूजन हो रहा है। जबकि सड़कों का न तो अनुबंध हुआ और न ही कार्यादेश जारी किए गए। उनके प्रयासों के फल स्वरूप भूमि पूजन नहीं हो सका।

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