प्रारब्ध और आशीर्वाद से मिली है प्रतिभा, अहंकार से इसे नष्ट न करें: स्वामी अखिलेशानंद

शिवपुरी। प्रतिभायें संस्कार, प्रारब्ध और आशीर्र्वाद का प्रतिफल है। इसका सदुपयोग किया जाना चाहिए और अहंकार से अपने आपको बचाकर रखना चाहिए। उक्त उदगार महामंडलेश्वर स्वामी अखिलेशानंद महाराज ने स्थानीय गांधी पार्र्क में सर्व ब्राह्मण समाज द्वारा आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि की हैसियत से व्यक्त किए। 

सम्मान समारोह में ब्राह्मण समाज ने दो सैकड़ा से अधिक अपनी सजातीय प्रतिभाओं का सम्मान मुख्य अतिथि के कर कमलों से कराया। महामंडलेश्वर स्वामी अखिलेशानंद जी गौ संवंर्धन बोर्ड के अध्यक्ष है और मध्य प्रदेश शासन द्वारा उन्हें राज्य मंत्री का दर्जा दिया गया है। 

सम्मान समारोह में सबसे पहले पीएससी परीक्षा में डिप्टी कलेक्टर के पद पर चयनित त्रिलोचन गौड़, डीएसपी पद पर चुनी गई कु. अंतिमा समाधिया, ट्रेजरी ऑफिसर सिद्धार्थ शर्मा, इति शर्मा, सुनीता शर्मा आदि का सम्मान हुआ। सम्मान पाने वालों में भार्गव दम्पत्ति भी थे।

जिनका चयन एडीपीओ पद के लिए हुआ है। इसके बाद सब इंस्पेक्टर परीक्षा में चयनित ब्राह्मण समाज की प्रतिभाओं का सम्मान हुआ। सम्मान पाने वालों में समाज के पत्रकार बन्धु भी शामिल थे। इसके अलावा परीक्षा में 75 प्रतिशत से अधिक अंक पाने वाले छात्र एवं छात्राओं का भी सम्मान किया गया। 

मुख्य अतिथि अखिलेशानंद जी ने प्रतिभाओं को सम्मानित करने की ब्राह्मण समाज की पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे जहां प्रोत्साहन मिलता है वहीं अन्य लोगों को भी आगे बढऩे की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने शासकीय सेवा में जा रहे ब्राह्मण प्रतिभागियों को समझार्ईश दी कि सफलता से उनमें विनम्रता का भाव आना चाहिए और समाज सेवा की भावना से उन्हें कार्र्य कर समाज का मान बढ़ाना चाहिए। समारोह में जनअभियान परिषद के उपाध्यक्ष राघवेन्द्र गौतम भी उपस्थित थे। 
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