Friday, June 09, 2017

भड़काऊ बयान के बाद कानूनी कार्रवाई की जद में आ सकती हैं करैरा विधायक शकुंतला खटीक

शिवपुरी। भीड़ को पुलिस थाने में आग लगाने के लिए उकसाने का प्रयास कांग्रेस विधायक शकुंतला खटीक को भारी पड़ सकता है हालांकि इस मामले में करैरा पुलिस से लेकर प्रशासन तक स्पष्ट रुप से अपने पत्ते खोलने को तैयार नहीं मगर जो संकेत मिल रहे हैं उनके द्रष्टिगत पुलिस एक्शन पर विचार चल रहा है।

विदित हो कि कल मंदसौर की घटना के विरोध में बंद के दौरान करैरा विधायक शकुंतला खटीक ने कांग्रेस कार्य कर्ताओं को थाने में आग लगाने के लिए उकसाया और चिल्लाते हुए कहा कि थाने में आग लगा दो। उक्त घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जारी हो जाने से विधायक खटीक की मुश्किलें बढ़ गर्ई हैं। इस स बंध में करैरा विधायक से जब चर्चा करना चाही तो वे प्रतिक्रिया के लिए उपलब्ध नहीं हुईं।

पुलिस ने उनके खिलाफ कार्यवाही के संकेत तो दिए हैं मगर जब टीआई श्री तिवारी का कहना है कि अभी कोई कार्यवाही नहीं की है उनसे जब पूछा गया कि उनके साथ अभद्रता को लेकर उनका क्या कहना है तो टीआई ने कोई प्रतिक्रिया नहीं देते हुए फोन काट दिया। हालांकि जिस तरह का घटनाक्रम हुआ उसे कांग्रेस प्रवक्ता हरवीर सिंह रघुवंशी क्षणिक भावावेश की परिणति बता रहे हैं उनका कहना है कि गलती पुलिस की ओर से हुई विधायक के साथ दुव्र्यवहार किया गया। वे विधायक द्वारा थाना फूंकने की बात से यह कह कर पल्ला झाड़ गए कि ये कांग्रेस की संस्कृति नहीं है। 

यहां बता दें कि विधायक श्रीमती खटीक ने अल्टीमेटम दिया है कि यदि तीन दिन में टीआई नहीं हटे तो फिर देखना क्या होता है। जबकि जो वीडियो वायरल हो रहा है उसमें विधायक श्रीमती खटीक आईपीएस अनुराग सुजानिया सहित करैरा टीआई संजीव तिवारी के साथ अभद्रता का पूर्र्ण व्यवहार करती और कार्यकताओं को बार बार थाना फूंकने के लिए उकसाती नजर आ रही हैं और एसडीओपी सहित पुलिस के तमाम अधिकारी बैकफुट पर दि ााई दे रहे है। वैसे यह तय है कि विधायक कहने पर कार्यकर्ता थाने को आग लगा देते तो मंदसौर जैसी स्थिति करैरा में भी उत्पन्न हो सकती थी। 

फुटेज देने के बाद कुछ कहा जा सकता है: कलेक्टर
कलेक्टर तरूण राठी की पत्रकार वार्र्ता में भी पत्रकारों ने करैैरा विधायक द्वारा थाने में आग लगाने की धमकी देने का मामला उठाया और कलेक्टर से पूछा कि इस मामले में क्या कार्यवाही की जाएगी। कलेक्टर ने जवाब दिया कि यह अच्छी बात है शिवपुरी में हालात सामान्य हैं। लेकिन जहां तक विधायक द्वारा हिंसा के लिए उकसाये जाने का मामला है तो वह वीडियो देखकर ही इस बारे में कुछ कह पायेेंगे। जबकि एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने ऑफ दी रिकॉर्ड बताया कि हम कार्यवाही कर हिंसा के लिए उकसाने वाली महिला विधायक को हीरो नहीं बनाना चाहते। 

विधायक खटीक ने निकाली पुलिस से पुरानी खुन्नस 
पानी की छीटें हंगामा खड़ा करने के लिए मात्र एक बहाना था। असलीयत कुछ और थी, लोगों का कहना था कि विधायक श्रीमती खटीक की पुलिस से पुरानी खुन्नस थी। बताया गया है कि एक सप्ताह पूर्व पुलिस द्वारा विधायक श्रीमती खटीक से रेत से भरे अवैध डंफरों के खिलाफ पुलिस द्वारा कार्यवाही की गई थी। उस समय श्रीमती खटीक ने डंपर न छोडऩे वाले पुलिस बालों को धमकी देते हुए उनकी वर्दी उतारने की बात कहीं। विधायक की धमकी की परवाह न करते हुए पुलिस डंपरों पर चालानी कार्यवाही की गई तभी से वह पुलिस के खिलाफ खुन्नस पाले हुए हैं।