दुषित पानी पीने से आदिवासी बस्ती में उल्टी दस्त, 2 दर्जन बीमार

शिवपुरी। जिले के ग्रामीण अंचल के हालात इस हद तक खराब है कि मुख्यालय से लगे गांव मुड़खेड़ा में लोगों को पोखर के बदबूदार कीड़े पड़े पानी से अपनी प्यास बुझानी पड़ रही है। इस दूषित पानी के सेवन से मुड़खेड़ा की आदिवासी बस्ती के करीब बीस से अधिक बच्चे और महिलाऐं संक्रमण की चपेट में आ गए हैं गांव में घर घर बच्चे बीमार पड़े हैं। उल्टी दस्त और चर्म रोग पीडि़तों का यह आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है गांव में ये हालात खराब पानी के सेवन से बिगड़े हैं। स्वास्थ्य प्रशासन का कोई अधिकारी यहां झांकने भी नहीं आया है। 

गांव के आदिवासियों का कहना है कि ग्राम में पीने के पानी की समस्या पिछले कुछ माह से बनी हुई है गांव मुड़खेड़ा में दो नलकूप खनित तो हुए मगर उनमें मोटर नहीं डाली गई वकौल पुन्ना ये बोर सूखे निकल गए। मुड़खेड़ा की आदिवासी बस्ती एक हैण्ड पंप से पानी पी रही थी वह भी पिछले अप्रेल से साथ छोड़ चुका है। 

इसके बाद से गांव से ढाई किमी दूर स्थित लुंबा खो नाले के पोखर से गांव के आदिवासी पानी ला रहे हैं इस पानी को यूं तो वे पिछले दो माह से पी रहे हैं मगर अब इसमें कीड़े पड़ गए हैं और गंध भी आ रही है लेकिन मजबूरी यह है कि इसके अलावा पीने के पानी का कोई स्त्रोत इन आदिवासियों के लिए नहीं है। 

दूषित पानी के संक्रमण से हालत खराब
हाइवे किनारे के गांव मुड़खेड़ा में दूषित पानी के सेवन से खुशी पुत्री विनोद उम्र 4 साल को उल्टी दस्त, मनीष पुत्र मुकेश 8 साल को बुखार उल्टी, विजय लक्ष्मी पुत्री हाकिम आदिवासी उम्र 3 साल को बुखार, शेखर पुत्र राज 5 साल के शरीर पर फोड़े और बुखार, विवेक आदिवासी उम्र 3 साल को फोड़े, बुखार, सिमरन पुत्री लाखन दस्त उल्टी,सुखवती पुत्री मंगल आदिवासी उम्र 1 साल बुखार, राजमणी पत्नि गंगाधर उम्र 2 साल, विकास पुत्र वकीला आदिवासी 3 साल उल्टी दस्त बुखार देवेन्द्र पुत्र दिनेश 3 साल बुखार उल्टी, से पीडित है अधिकांश को शरीर पर फोड़ भी निकल आए हैं। 
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