सहाब! मेरे नाती मेरे साथ मारपीट करते है में अपनी 10 बीघा जमींन मंदिर को दान करना चाहता हूॅ

शिवपुरी। बैराड़ कस्बे के ग्राम खौदा का रहने वाला एक वृद्ध अपने नातियों की प्रताडऩा से तंग आकर आज जनसुनवार्ई में पहुंचा जहां उसने कलेक्टर तरूण राठी को उसके साथ हो रहे अत्याचार की शिकायत की और कलेक्टर से अनुमति मांगी की वह अपने स्वामित्व की दस बीघा जमीन नातीयों को न देते हुए गांव में स्थित हनुमान मंदिर को दान देना चाहता है। जिसके लिए वह अनुमति दें। कलेक्टर ने वृद्ध की शिकायत पर कार्यवाही करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आदेशित किया है।

जानकारी के अनुसार वृद्ध रामसिंह खंगार अविवाहित है। जिस कारण उसने अपने भाई की मृत्यु के बाद अपने नाती राजेश, महेन्द्र और मुन्नी खंगार को गोद ले लिया। उसकी गांव में दस बीघा जमीन है। जिस पर उसके दत्तक निगाह बनी हुई है और पिछले कई दिनों से उन्होंने जमीन हड़पने की नियत से रामसिंह को घर से भगा दिया और उसकी कर्ई बार लाठी व लातघूसों से मारपीट की ऐसी स्थिति में भूखे मरने की कगार पर आ गया है। 

इससे परेशान होकर वह आज जनसुनवार्ई में पहुंचा और अपने स्वामित्व की सर्वेे नम्बर 115 की दस बीघा जमीन को दत्तक पुत्रों को न देकर गांव के मंदिर को दान देने की बात कहते हुए कलेक्टर से अनुमति मांगी है। 

गर्मी में लम्बी लाईन में लगना हो रहा है कष्टकारक 
जनसुनवाई में लोगों का हाल आज बेहाल हो गया। लोगों को अपनी समस्यायें और परेशानी बताने के लिए 1 से 2 घंटे तक लार्ईन में लगना पड़ रहा है। अव्यवस्थायें इस कदर हावीं थी कि लोगों को तेज गर्र्मी के बीच लार्ईन में लगना पड़ा। कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में  चलने वाली जनसुनवार्ई में एक-एक आवेदक को बुलाया जा रहा था। जिससे लोगों को गैलरी में या बाहर लम्बी लार्ईन में लगना पड़ रहा है। कई लोगों ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि इस तरह की परेशानी को दूर करने के लिए प्रशासन को प्रयास करना चाहिए। 

जन सुनवार्ई में सुनवार्ई न होने पर दी परिवार सहित आत्महत्या करने की धमकी
बिजली विभाग की मनमानी और बिलों में आंकलित खपत से परेशान वार्ड क्रमांक 14 में रहने वाला एक मजदूर रघुनंदन पुत्र प्रभू ओझा आज जनसुनवार्ई में  अपने पुत्र के साथ पहुंचा जहां उसने कलेक्टर के समक्ष आंकलित खपत बाले बिल को माफ करने की मांग की। जिस पर बिजली अधिकारियों ने बिल पर टीप लगाते हुए लिख दिया कि बिल माफ नहीं किया जाएगा। जिससे परेशान होकर पीडि़त मजदूृर रघुनंदन ओझा ने पूरे परिवार के साथ आत्महत्या करने की धमकी देते हुए कहा कि वह पिछले दो वर्षो से परेशान हैं और उसके तीन बच्चे और पत्नि है, लेकिन वह घर खर्र्च चलाने में असमर्थ है ऐसी स्थिति में आंकलित खपत का बिल उनकी गरीबी पर प्रहार कर रहा है। जिसे जमा करने में वह सक्षम नहीं है। अगर उसका बिल माफ नहीं होता है तो उसके पास आत्महत्या करने के अलावा कोर्ई चारा नहीं है। 
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