शौचालय : शिक्षित बेरोजगारो को रोजगार, मुखिया का सम्मान और बिना शौचालय वेतन नही

शिवपुरी। स्वच्छ भारत अभियान के तहत निर्माण किए जा रहे शौचालय अब शिक्षित बेरोजगारो के लिए रोजगार का साधन बन रहे है। और जिले के ग्रामीण अंचलो में ग्रामीणों द्वारा अपने घरों में शौचालय का निर्माण कर रहे है, उन परिवारों के मुखिया का अब सम्मान भी किया जाऐगा। उक्त आशय की जानकारी कलेक्टर  ओमप्रकाश श्रीवास्तव ने स्वच्छ भारत अभियान एवं जिले में चल रहे विकास एवं निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा बैठक में दी। 

जिलाधीश कार्यालय के सभाकक्ष में अपर कलेक्टर एवं जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती नीतू माथुर, राज्य स्वच्छता ग्रामीण के संभागीय समन्वयक श्री अतुल त्रिवेदी, जिला के सभी अनुविभागीय दण्डाधिकारी, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहित संबंधित अधिकारीगण उपस्थित थे। 

कलेक्टर श्री ओमप्रकाश श्रीवास्तव ने स्वच्छ भारत अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि स्वच्छता पर फोकस करते हुए जिले को आगामी 4 माह के अंदर खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) करना है। इस कार्य में स्थानीय जनप्रतिनिधि के साथ-साथ पंचायतों, स्वयंसेवी संस्थाओं, शिक्षकों, प्रेरकों आदि का सहयोग लिया जाएगा। 

उन्होंने कहा कि जिले में पदस्थ जिला अधिकारियों के माध्यम से गांव को ओडीएफ करने हेतु 80 पंचायतों को उन्हें आवंटित किया जाएगा। इसके लिए 24 मई को सभी जिला अधिकारियों का एक दिवसीय प्रशिक्षण भी प्रदाय किया जाएगा। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि स्वच्छ भारत अभियान के तहत खुले में शौच से मुक्त करने मे अहम् भूमिका निभाने वाले प्रेरक का चयन का उनके प्रशिक्षण की कार्यवाही सुनिश्चित करें। 21 मई तक सभी पंचायतों के पीआरए मानचित्र भी बनाए जाए। 

शिक्षित बेरोजगारों के माध्यम से शौचालय निर्माण की सामग्री का होगा विक्रय
कलेक्टर ओपी श्रीवास्तव ने कहा कि शौचालय निर्माण में उपयोग में होने वाली लेटिन सीट एवं अन्य सामग्री ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर ही प्राप्त हो, इसके लिए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत स्थानीय शिक्षित बेरोजगार को बैंको के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराए। जिससे स्थानीय स्तर पर भी लोग आसानी से शौचालय निर्माण से संबंधित सामग्री क्रय कर सके। 

उन्होंने कहा कि प्रत्येक विकासखण्ड मुख्यालय पर 04 रूलर सेनेट्री मार्ट की भी स्थापना की जाएगी। इस प्रकार जिले में कुल 32 रूलर सेनेट्री मार्ट शुरू होंगे। उन्होंने कहा कि खुले में शौच से मुक्त कराने में शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं की भी अहम् भूमिका है। इसके लिए शिक्षकों को चयन कर ग्रीष्म अवकाश उपरांत उन्हें प्रशिक्षण प्राप्त कराए। 

शासकीय सेवकों को भी शौचालय निर्माण का देना होगा प्रमाणीकरण
कलेक्टर ओपी श्रीवास्तव ग्रामीण क्षेत्रों में पदस्थ मैदानी कर्मचारियों को भी शौचालय निर्माण का लक्ष्य निर्धारित कर जिला स्तरीय अधिकारियों की तर्ज पर एक गांव को ओडीएफ करने का भी लक्ष्य निर्धारित करें। उन्होंने सभी अनुविभागीय दण्डाधिकारियों को निर्देश दिए कि उनके अनुभाग के तहत विभिन्न विभागों में पदस्थ खण्ड एवं अनुविभागीय स्तरीय अधिकारियों से इस प्रकार का प्रमाणीकरण लें कि उनके आवास में शौचालय का निर्माण किया जाकर उसका उपयोग कर रहे है। प्रमाणीकरण देने के बाद ही जून माह का वेतन आहरित किया जाए। 
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