Monday, May 22, 2017

कांग्रेस का प्रर्दशन : अस्पताल यमलोक, डॉक्टरो की डिग्री डॉ.यमदूत, राहू और केतू

शिवपुरी। जिला अस्पताल के डॉक्टरों के कथित अमानवीय व्यवहार के विरोध में जिला कांग्रेस के निर्देशन में युवक कांग्रेस ने आज अस्पताल गेट के सामने धरना दिया और जमकर डॉक्टरों के खिलाफ नारे लगाए। धरना स्थल को अस्पताल का रूप दिया गया था और वहां जिला अस्पताल के स्थान पर जिला यमलोकालय का बोर्ड टंगा हुआ था। 

यमलोक की वेशभूषा में युवक कांग्रेस के कार्यकर्ता डॉक्टरों के रूप में बैठे हुए थे तथा वे डॉक्टरों की एक्टिंग कर अमानवीय व्यवहार का प्रदर्शन कर रहे थे और मरीजों को एक्सपायरी डेट की दवायें दे रहे थे। अस्पताल बने धरना स्थल पर रैफर टू ग्वालियर और शिवपुरी के डॉक्टरों का एक ही काम सभी रोगियों का इलाज मुक्तिधाम के बैनर भी लगे हुए थे। 

कथित डॉक्टरों की नेम प्लेट पर डॉ. यमदूत, डॉ. केतू, डॉ. राहू आदि के नाम लिखे थे। युवक कांग्रेस का यह धरना खासा आकर्षण केन्द्र बना और जनता ने डॉक्टरों के व्यवहार के नाटकीय मंचन का खूब आनंद लिया। सिंधिया जनसंपर्र्क कार्यालय के प्रभारी अमिताभ हर्षी और शहर कांग्रेस पूर्व अध्यक्ष राकेश गुप्ता ने बताया कि यह धरना तीन चार दिन चलेगा।

पिछले कर्ई महिनों से जिला अस्पताल शिवपुरी डॉक्टरों के कथित व्यवहार के कारण विवादों का केन्द्र बिन्दू बना हुआ है। आम शिकायतें है कि अस्पताल में मरीजों को ठीक ढंग से इलाज नहीं मिलता। मरीजों और उनके परिजनों के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है। 

डॉक्टरों और चिकित्सीय स्टाफ की लापरवाही के कारण मौत का शिकार होने पर जब परिजनों द्वारा आक्रोश की अभिव्यक्ति की जाती है तो अस्पताल प्रशासन द्वारा मृतक के परिजनों पर ही शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने का मामला दर्ज करा कर उन्हें जेल भिजवा दिया जाता है। 

धरना आंदोलन से जुड़े पार्षद आकाश शर्मा, कपिल भार्गव, हरिओम राठौर आदि ने बताया कि हाल ही में डॉक्टरों की लापरवाही से मामूली खांसी से पीडि़त एक महिला की मौत हो गई थी। वहीं अस्पताल में अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के चलते एक नवजात शिशु की अंगुली चूहों ने काट खार्ई थी तथा आरोप यह भी है कि पिछले दिनों स्टेडियम में एक खिलाड़ी के घायल होने पर तीन घंटे तक अस्पताल पहुंचने पर भी उसका इलाज प्रारंभ नहीं हो सका था। 

बाद में कलेक्टर के हस्तक्षेप से उक्त बालक खिलाड़ी का इलाज शुरू हुआ। युवक कांग्रेस का कहना है कि अधिकांश मामलों में डॉक्टर मरीज को ग्वालियर रैफर कर पल्ला झाड़ लेते हैं। जिससे अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थायें पूरी तरह ठप्प हो गई है तथा जनता को जिला अस्पताल का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इन्हीं कारणों से युवक कांग्रेस ने अनोखे ढंग से डॉक्टरों के व्यवहार के खिलाफ धरना प्रदर्शन शुरू किया है। जो खासा जनाकर्षण का केन्द्र बना है।