Tuesday, May 30, 2017

तालाबों के गहरीकरण 15 जून तक करें: कलेक्टर

शिवपुरी। कलेक्टर ओमप्रकाश श्रीवास्तव ने जनपद पंचायत करैरा अंतर्गत ग्राम पंचायतों में चल रहे विकास एवं निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक जनपद पंचायत सभागृह करैरा में लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत प्रत्येक हितग्राही को शौचालय निर्माण हेतु 6-6 हजार रूपए की राशि का अग्रिम भुगतान करें जिससे हितग्राही शौचालय का निर्माण शीघ्र पूर्ण कर सके। बैठक में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी नीतू माथुर, अनुविभागीय दण्डाधिकारी सी.पी.प्रसाद, जनपद अध्यक्ष वती आदिवासी, परियोजना अधिकारी के.के.शर्मा, तहसीलदार नवनीत शर्मा, सहायक यंत्री  अशोक गुप्ता सहित अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी अखिल उपाध्याय सहित ग्राम पंचायतों के सचिव एवं रोजगार सहायक उपस्थित थे। 

कलेक्टर श्री श्रीवास्तव ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि पौधरोपण एवं तालाब गहरीकरण के कार्य को प्राथमिकता दें। प्रत्येक ग्राम में दो-दो पौधरोपण के कार्य शुरू किए जाए। पौधरोपण हेतु 15 जून तक गड्ढे खोदने के कार्य भी पूर्ण कर लिया जाए। 

जिससे वर्षा ऋतु में पौधरोपण के कार्यक्रम आयोजित किए जा सके। उन्होंने कहा कि पौधों की सुरक्षा एवं देखरेख के लिए 200 पौधों पर एक पौधारक्षक की नियुक्ति कर उसे तीन हजार रूपए की राशि भी दें। श्री श्रीवास्तव ने जनपद पंचायत के तहत जल संरक्षण एवं संवर्धन हेतु तालाब गहरीकरण के कार्य की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि मनरेगा के तहत 15 जून तक पुराने एवं नए तालाबों का गहरीकरण का कार्य पूर्ण कर लिया जाए।

जिससे वर्षा ऋतु का अधिक से अधिक पानी संग्रहण हो सके। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रत्येक आवास निर्माण करते वक्त 03 फुट का छज्जा और खिडक़ी पर भी छज्जा आवश्यक रूप से बनाए। प्रत्येक आवास परिसर में कम से कम 05 पौधे भी आवश्यक रूप से लगाए। इसके लिए भी हितग्राही को राशि प्रदाय की जाएगी। 

मनरेगा में मजदूरों को काम न मिलना अपराध है कटेगी वेतन
कलेक्टर श्री श्रीवास्तव ने मनरेगा के तहत मांग अनुसार मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने के निर्देश देते हुए कहा कि रोजगार उपलब्ध न कराना कानूनी अपराध है। इसलिए मांगपत्र के 15 दिन के अंदर स्थानीय स्तर पर मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराए। 

ऐसी निर्माण एजेंसियां जो 15 दिन के अंदर रोजगार उपलब्ध न कराने पर संबंधित अधिकारी के वेतन से राशि काटकर मजदूरों को बेरोजगारी भत्ते के रूप में दी जाएगी।