ठेके वाले स्कूलों पर सोशल मिडिय़ा से होगी नकल, तैयारी शुरू

शिवपुरी। खबर आ रही है कि पोहरी के निजी स्कूल संचालक अपने बच्चों को पास कराने के लिए नकल की प्लानिंग में अभी से जुट गए है। बताया जा रहा है कि पोहरी और आसपास के स्कूल जो बच्चों को पढ़ाते नही बल्कि पास कराने की गांरटी देते है, इस बार वह सोशल मिडिय़ा के सहारे नकल कराने की जुगाड़ बना रहे है। 

जानकारी के अनुसार पोहरी में 5 हायसेकेण्डरी एवं 9 हाईस्कूल संचालित है जिसमें से निजी हायसेकेण्डरी विद्यालय की संख्या दो तथा छ: हाईस्कूल हैं इन निजी विद्यालयों में से ही कई निजी विद्यालयों के संचालकों द्वारा छात्र-छात्राओं को पास कराने की गारंटी के साथ प्रवेश दिया जाता है जिसके एवंज में संचालकों द्वारा 15 हजार से लेकर पच्चीस हजार तक की मोटी रकम वसूल की जाती है। 

पास कराने की गारंटी को पूरा करने के लिए स्कूल संचालकों द्वारा शासकीय अमला एवं परीक्षा केन्द्र प्रभारी के साथ ही पर्यवेक्षकों तक से सेटिंग की जाती है तथा उन्हे आर्थिक लाभ का लालच देकर अपने मन माफिक कार्य कराने में मदद ली जाती है। 

छात्रों को वस्तुनिश्ठ प्रश्नों का उत्तर आसानी से ड्यूटी पर तैनात पर्यवेक्षकों एवं स्टॉफ  द्वारा बोलकर बता दिया जाता है जिससे छात्र-छात्राओं को नकल करने में आसानी होती है साथ ही छात्रों को उत्तरों की पर्चियां भी उपलब्ध करा दी जाती है जिससे कि छात्रों को परीक्षा में पास करने लायक अंक हासिल हो जाते हैं। यहां भी अगर स्कूल संचालकों की दाल नहीं गल पाती तो कॉफियों को जांचने के दौरान भी सेटिंग करके छात्रों को पास कराने का प्रयास किया जाता है।

पोहरी क्षेत्र के कुछ स्कूल माफिया 15 से 20 हजार रूपयों में छात्रों को पास कराने का ठेका लेते हैं जिसके एवज में मोटी रकम छात्रों के परिजनों से ली जाती है छात्रों को पढाने के लिए तो स्कूल संचालक जोर नहीं देते बल्कि उन्हे नकल कराने का आश्वासन देकर सेटिंग करके पास कराने की गारंटी भी देते हैं ऐसे स्कूल संचालक जो इस तरह का कार्य करते हैं उनके खिलाफ कभी भी कोई कार्यवाही जिले में बैठे अधिकारीयों द्वारा आज तक नहीं की गई जो कि मिलीभगत को उजागर करने के लिए काफी है।

परीक्षा केन्द्रों पर तैनात स्टॉफ  के साथ प्राईवेट स्कुलो का स्टाफ किसी तरह परिक्षा केन्द्रो पर प्रवेश कर जाता है। इस बार प्रश्रो को बहार व्हाट्सऐप के माध्यम से भेजा जाऐगा और उत्तर भी इस प्रकार आऐगें और बोलकर उत्तर बच्चो को लिखवाने की प्लानिंग की जा रही है। परीक्षा केन्द्रों पर मीडिया को भी जाने की अनुमति नहीं दी जाती जिसके कारण स्टॉफ की मिलीभगत भी उजागर नहीं हो पाती।

पोहरी एवं आसपास के हायर सेकेण्डरी एवं हाईस्कूल की परीक्षा हेतु मॉडल स्कूल, उत्कृष्ट कन्या शाला का चयन किया गया है जिसमें से कई संदिग्ध विद्यालयों को दो जगह सेंटर भी प्रदान किये गये है कई निजीविद्यालयों पर बैसे तो पहले भी कई बार नकल कराने के आरेाप लगते रहे हैं पर हरबार की तरह इस बार भी सांठगांठ कर कुछ लोग अपने पसंदीदा सेंटर पाने में सफल साबित हो चुके हैं अब देखना यह है कि परीक्षा केन्द्र प्रभारी व पर्यवेक्षको की नियुक्ति किस प्रकार से होती है।

इनका कहना है कि
मैने परीक्षाओं के सबंध में मीटिंग बुलाई है जिसमें संवेदनशील केन्द्रों पर कड़ी निगरानी रहेगी साथ ही परीक्षाओं में मोबाईल पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा।
अंकित अष्ठाना एसडीएम पोहरी
Share on Google Plus

About Bhopal Samachar

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.