Tuesday, February 14, 2017

किड्स गार्डन स्कूल के फन फयेस्टा में शहर का सडें बदला फनडे में

शिवपुरी। शहर के प्रतिष्ष्ठित किड्स गार्डन स्कूल में आयोजित फन फयेस्टा के शानदार आयोजन ने शहर का संडे फनडे में बदल दिया। इस फेयस्टा में शामिल लगभग 10 हजार लोगो ने पानी के पूल में मस्ती,जमीन पर धमाल,हवा में कमाल,कैटवाक और रॉक यूजिक के स्वरो में शानदार व्यजंनो का आंनद लिया। 

इस फेयेस्टा में मस्ती के साथ पर्यावरण को हरा भरा बनाने के लिए भी प्रेरणादायक काम किया गया। यहां अतिथियों  और  प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को स मानित करने के लिए मेडल या शील्ड नही दी बल्कि उपहारो और स मान में पौधे दिए गए। जिसे सभी लोगो ने सराहा। 

शहर के किड्स गार्डन स्कूल के फन फियेस्टा के कार्यक्रम के  मु य अतिथि मप्र जन अभियान परिषद के प्रमुख राघवेंद्र गौतम थे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राघवेंद्र गौतम ने कहा कि मैं प्रदेशभर के कार्यक्रमों में शिरकत करता हूंए लेकिन कहीं भी मुझे ऐसी पहल देखने को नहीं मिली जहां अतिथियों के लिए उपहार में पौधे दिए गए हों। 

इस फन मेले का आनंद अपनी जगह है, पर प्रकृति को सहेजने और उसे हराभरा बनाए रखने का उपक्रम स्कूल प्रबंधन ने शुरू किया है वह सराहनीय है। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि पुलिस अधीक्षक सुनील पांडे ने कहा कि महानगरों की तर्ज पर शिवपुरी में आयोजन होना बडंी बात है और उससे भी बड़ी बात यह है कि कार्यक्रम के साथ-साथ कोई संदेश भी दिया जाए। 

पर्यावरण को सहेजने की यह सराहनीय पहल है। आईटीबीपी के कमांडेंट रोशन लाल ने कहा कि पेड पौधों को अपना मित्र बनाएं क्योंकि ये ही हमारे सच्चे मित्र है और पौधरोपण करके यदि हम पेड़ बचा सके तो यह प्रकृति को सहेजने के साथ मानव जाति को जीवन दान देने जैसा अनूठा काम होगा। 

इस दौरान एएसपी कमल मौर्यए करैरा एसडीएम मुकेश शर्मा, असिस्टेंट कमांडेंट आईटीबीपी नरेश कुमार सहित अन्य अतिथियों ने भी पर्यावरण बचाने का संदेश दिया। कार्यक्रम में स्कूल संचालक रुपाली गौतम ने अतिथियों का स्वागत किया एवं स्वागत भाषण स्कूल प्राचार्य शिवकुमार गौतम द्वारा दिया गया। 

फियेस्टा में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के अलावा टेलेंट हंट शो,सिंगिंग, डांस के अलावा कैटवॉक व सेल्फी कॉर्नरए हॉर्स राइडिंग सहित अन्य गतिविधियों का आयोजन किया गया। खास बात यह रही कि आयोजन के दौरान छात्र-छात्राओं ने लोगों को जागरूक करने नशं विरोधी और पर्यावरण को बचाने के संदेशों से युक्त नाट्य मंचन के साथ गायन का भी आयोजन किया गया।