शहर का चर्चित यौन शोषण काण्ड: एड. शैला अग्रवाल को नहीं मिली जमानत

शिवपुरी। शहर का चर्चित समाज सेवा ने नाम पर चलाए जा रहे अनाथ आश्रम की बालिकाओ के यौन शोषाण काण्ड की मुख्य आरोपी शैला अग्रवाल की जमानत याचिका को विषेश न्यायाधीश की कोर्ट में खारिज कर दिया है। बताया जा रहा कि इस योन शोषण काण्ड के एक आरोपी शैला अग्रवाल के मानसिक विक्षित्त भाई राजू को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। 

विशेष न्यायाधीश अरूण कुमार वर्मा ने अपने आदेश में लिखा है कि रिकॉर्ड पर अभियोजन पक्ष ने जो साक्ष्य प्रस्तुत की है वह सीधी और विश्वसनीय प्रतीत होती है। इस स्टेज पर अभियुक्त शैला अग्रवाल को जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता। 

अभियुक्त शैला अग्रवाल ने अपने अभिभाषक के माध्यम से दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 439 के तहत जमानत आवेदन प्रस्तुत करते हुए तर्क पेश किया था कि वह निर्दोष है तथा उसे गलत रूप से षड्यंत्र कर फंसाया गया है। 

उसके अनुसार उसकी संस्था शकुंतला परमार्थ समिति रजिस्टर्ड थी और बालगृह संचालित करती थी। संस्था को सरकारी अनुदान प्राप्त होता था उस अनुदान में रोड़े अटकाने हेतु उसे षड्यंत्र कर झूठा फंसाया गया है। वह 26 साल से वकालात कर रही है और उसे थाईराईड, डायविटीज आदि बीमारी है एवं उसके पलायन करने की कोर्ई संभावना नहीं है। 

लेकिन रिकॉर्ड पर आर्ई साक्ष्य के अनुसार शैला अग्रवाल बालगृह संचालित करती थी। जिसमें उसके द्वारा न केवल बालिकाओं का शारीरिक और मानसिक शोषण किया जाता था बल्कि वह अपने पिता केदारनाथ अग्रवाल के माध्यम से नाबालिग बालिकाओं का यौनशोषण भी करवाती थी। उन बालिकाओं में से कुछ बालिकायें अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग की हैं। 

इस मामले में हरिजन थाने में अभियुक्त शैला अग्रवाल उसके पिता केदारनाथ अग्रवाल एवं भाई राजू अग्रवाल के विरूद्ध भादवि की धारा 376, 354, 323, 506, 190, 328 धारा 3(2)(5)अनुसूचित जाति एवं जनजाति संरक्षण अधिनियम एवं धारा 3,4,5,6,7,8,9,10 लैगिंग अपराधों बालक संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। 

मानसिक रूप से विक्षिप्त राजू को मिली जमानत
इस मामले में शैला अग्रवाल के विरूद्ध उसके मानसिक रूप से विक्षिप्त भार्ई राजू उर्फ योगेश अग्रवाल के विरूद्ध भी मामला पंजीबद्ध किया गया था और वह ग्वालियर जेल में बंद है। बताया जाता है कि राजू अग्रवाल को मानसिक रूप से विकलांग होने के कारण माननीय उच्च न्यायालय ग्वालियर खण्ड पीठ से जमानत मिल गई है।  
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