Saturday, February 25, 2017

भूमिपूजन पर रोक: प्रभारी कलेक्टर से नाराज यशोधरा मिलेंगी सीएम से

शिवपुरी। महज 45 दिन के लिए प्रभारी कलेक्टर बनाई गईं नेहा सिंह मारव्या के अब तक के विवादास्पद कार्यकाल संबंधी शिकायतों के पुलंदे के साथ शिवपुरी विधायक एवं मप्र सरकार की केबिनेट मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया आजकल में प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह एवं मुख्य सचिव से मुलाकात कर सकती हैं। 

शुक्रवार को अपने शिवपुरी दौरे के दौरान इस बात के संकेत उन्होंने मीडिया को दिए। यशोधरा राजे सिंधिया प्रभारी कलेक्टर से न सिर्फ असंतुष्ट हैं, बल्कि उनके रवैए से काफी खफा भी हैं। 

प्रभारी कलेक्टर नेहा सिंह मारव्या और केबिनेट मंत्री यशोधरा राजे के बीच पत्राचार के माध्यम से हुई तकरार के बाद अब यह तय माना जा रहा है कि यशोधरा राजे नेहा सिंह के रवैए की शिकायत मु यमंत्री शिवराज सिंह एवं मुख्य सचिव से करेंगीं। 

अपने शिवपुरी भ्रमण के दौरान मीडिया से रूबरू होते हुए उन्होंने प्रभारी कलेक्टर नेहा सिंह के खिलाफ नाराजगी प्रकट करते हुए यह तक कहा था कि अड़ंगेबाजों को यह पता नहीं होता कि उनकी सीमा कहां तक हैं। 

मीडिया से उन्होंने साफ शब्दों में यह भी कहा था कि नेहा सिंह द्वारा किए गए कृत्य की अवश्य ही जांच होगी और जांच के निष्कर्ष उचित फोरम के सामने रखे जाएंगे। उनका कहना था कि जिस तरह प्रभारी कलेक्टर के रूप में कार्यरत नेहा सिंह ने उनके भूमिपूजन और लोकार्पणों को रोकने का प्रयास किया वह न सिर्फ अनुचित था, बल्कि उन्होंने उसे उन पर व्यक्तिगत हमला भी माना। 

उन्होंने साफतौर पर संकेत दिए थे कि वे मामले को छोडऩे वाली नहीं है और निश्चित ही यह समूचा घटनाक्रम उचित फोरम के बीच रखा जाएगा। यशोधरा राजे द्वारा दिए गए संकेतों से यह स्पष्ट है कि प्रभारी कलेक्टर और मंत्री के बीच पत्राचार के माध्यम से हुई तकरार अब रुकने की संभावना नहीं। 

कलेक्टर श्रीवास्तब के अरमानों पर पानी फेर दिया प्रभारी कलेक्टर ने
महज तीन माह में अपनी कार्यशैली से आमजन में छाप छोडऩे वाले कलेक्टर ओपी श्रीवास्तव 45 दिन के प्रशिक्षण के लिए जाते समय जिला पंचायत शिवपुरी की सीईओ आईएएस नेहा सिंह मारव्या को बड़े अरमानों के साथ जिम्मेदारी सौंपकर गए थे। 

उन्होंने सोचा था कि एक नई आईएएस अधिकारी होने के कारण ये अधिक ऊर्जा से कार्य करेंगी और मेरे द्वारा प्रारंभ किए गए कार्यों को आगे बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगी तभी तो श्री श्रीवास्तव ने जाते समय मीडिया को बताया था कि वे प्रभारी कलेक्टर नेहा सिंह को होमवर्क देकर जा रहे हैं और लौटने पर उनके द्वारा किए गए होमवर्क के आधार पर अपने विकास रथ को आगे बढ़ाएंगे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि नेहा सिंह अपने महज 45 दिन के इस कार्यकाल में कलेक्टर के लिए इतनी समस्याएं खड़ी कर देंगी कि जिन्हें दूर करने में ही श्री श्रीवास्तव को खासा समय गंवाना पड़ेगा।