Saturday, February 04, 2017

शिवपुरी की सडक़ो की निरिक्षण करने पहुंची कोर्ट कमीशन की टीम, पढि़ए क्या हुआ

शिवपुरी। शहर के नागरिको का जी का जंजाल बन चुकी शिवपुरी की सडक़ो की मॉनीटरिंग करने एड.विजय तिवारी की जनहित याचिका पर हाईकोर्ट द्वारा बनाई गई टीम आज शिवपुरी पहुंची। बतायाा गया है कि उक्त टीम ने सर्किट हाउस पर नपा और पीडब्यूडी अधिकारियों से सडक़ों का ब्यौरा मांगा और इसके बाद शहर की विभिन्न सडक़ों का निरीक्षण किया। 

निरीक्षण को दौरान राजेश्वरी रोड़ पर बंद हुए काम से नाराज दुकानदारों ने टीम को अपनी शिकायत दर्ज करार्ई। जिस पर टीम के सदस्यों ने उनकी समस्या को संज्ञान में लेकर जल्द से जल्द काम पूर्ण करने का अधिकारियों को निर्देश दिया। ग्वालियर से आई टीम में नवल गुप्ता, दीपक खोत, प्रशांत शर्मा सहित एड. जेडी सूर्र्यवंशी और अन्य सदस्य मौजूद थे। 

प्राप्त जानकारी के अनुसार एड. विजय तिवारी ने शहर की सडक़ों को बदहाल स्थिति को लेकर हार्ईकोर्ट ने जनहित याचिका दायर की थी। जिस पर हार्ईकोर्ट ने स त रवैया अपनाते हुए तय समय सीमा में गुणवत्ता युक्त सडक़ों का निर्माण करने का आदेश दिया है, लेकिन इसके बाबजूद भी नगर पालिका और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने कोर्ट के निर्देश को भी नहीं माना और कछुआ गति से कार्य प्रारंभ रखा, साथ ही सडक़ों की गुणवत्ता पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।

जिस पर श्री तिवारी ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जिस पर हार्ईकोर्ट द्वारा सडक़ों की मॉनीटरिंग के लिए एक टीम गठित की और सडक़ों की जांच के लिए शिवपुरी पहुंचाया गया। पूर्र्व में उक्त टीम को सडक़ निर्र्माण के दौरान कर्ई खामिया मिली। इसकी रिपोर्ट उन्होंने हाईकोर्ट के समक्ष प्रस्तुत की। 

इसी मामले में आज पांच सदस्यीय टीम शिवपुरी पहुंची जहां सर्किट हाउस में अधिकारियों से चर्चा करने के बाद वहां निर्माणधीन सडक़ का निरीक्षण किया गया। इसके बाद कोतवाली रोड़ का भी निरीक्षण किया जहां कस्टम गेट पर सडक़ का कुछ हिस्सा धसका हुआ था। जिस पर नाराजगी जाहिर कर टीम राजेश्वरी रोड़ पहुंची जहां कार्य रूका हुआ था।

टीम को देखकर वहां के दुकानदार एकत्रित होकर पहुंचे और उन्होंने जल्द से जल्द काम शुरू कराने की मांग टीम के समक्ष रखी। जिस पर टीम के सदस्य नवल गुप्ता और प्रशांत शर्मा ने पीडब्ल्यूडी अधिकारी आरके गुप्ता से काम रोके जाने का कारण पूछा जिस पर उन्होंने बताया कि पांच लेयर डालने और का पेंक्शन के बाद विभाग के बड़े अधिकारियों ने सडक़ का डामरीकरण करने का निर्देश दिया है। 

जिस कारण यह काम रूक गया है। पूर्र्व में यहां सी.सी. रोड़ डाली जानी थी, लेकिन डामरीकरण के निर्र्देश मिलने से काम रोक दिया गया है। वहीं निरीक्षण टीम ने नपा के सब इंजीनियर आरडी शर्मा से भी उनके क्षेत्र की सडक़ों की सूची मांगी और उनसे पूछा गया कि उन्होंने कितनी सडक़ों का कार्र्य पूर्ण कर लिया है। 

इसी बीच एड. विजय तिवारी ने बात को काटते हुए टीम के समक्ष अपनी मांग रखी कि नपा द्वारा जिन सडक़ों का निर्माण कराया गया है उनमें से अधिकतर सडक़ें धसक चुकी हैं, इसलिए उन सडक़ों की गुणवत्ता को भी जांचा जाए। जिस पर टीम ने श्री तिवारी से कहा कि हाईकोर्ट  ने उन्हें उन सडक़ों का निरीक्षण करने के लिए पहुंचा जिनका कार्र्य अधूरा पड़ा है या शुरू ही नहीं हुआ है। ऐसी स्थिति में वह सडक़ों की गुणवत्ता नहीं जांच सकते हैं। टीम ने स्टेडियम रोड़, दो बत्ती चौराहा, फिजीकल रोड़ सहित अन्य सडक़ों का भी अबलोकन किया।