Monday, February 13, 2017

रावत और यादव समुदाय में खूनी होली, सरपंच ने चलाई गोली

बैराड़। जिले के बैराड थाना क्षेत्र के रैयन गांव के पास खेतों पर यादव और रावत समाज में जमकर ाूनी होली का खेल खेला गया। इसमें दोनों और से जमकर लाठी फरसे और कुल्हाड़ी चले। जिसमें दोनो पक्षों के दर्जन भर लोग घायल हो गए है। वही यादव समुदाय के लोगो ने रावत समुदाय के लोगो पर बंदूक चलाने का आरोप लगाया है। वही रावत समुदाय ने गोली चलाने की घटना से इंकार किया है। घायल युवको को इलाज के लिए जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। 

दोनों पक्षों ने घटना का कारण अलग-अलग  बताया है। यादवों का कहना है कि चुनावी रंजिश के कारण यह घटना घटित हुई जबकि रावतों का कथन है कि आवारा पशुओं के उनके खेत में घुसने पर जब उन्होंने पशुओं को बाहर निकाला तो यादवों ने विवाद किया। पुलिस ने इस मामले में क्या कार्र्रवाई की यह स्पष्ट नहीं हो सका है, लेकिन सूत्रों का कथन है कि पुलिस ने दोनों पक्षों पर क्रॉस कायमी की है। 

जिला अस्पताल में भर्र्ती विजयी सिंह पुत्र प्रहलाद यादव और उनके साथी भीमसेन पुत्र होतम यादव निवासी सतनवाड़ा ने बताया कि कल रात जब वह अपने खेत में थे तो रावत पक्ष के शिशुपाल, लखन, अनूप, पदम और दो अन्य लोगों ने उन्हें घेर लिया। घेरने का कारण क्या था? पूछने पर विजय सिंह ने बताया कि पुरानी एवं चुनावी रंजिश के कारण उन्होंने ऐसा किया। 

रावतों ने घेर कर उनकी पिटार्ई शुरू कर दी। लखन रावत ने विजय सिंह के पैर में गोलीमारी वहीं सरपंच पदम रावत ने भीमसेन के हाथ में गोली मारी। उन्हें लहूलुहान करने के बाद आरोपीगण भाग खड़े हुए और उनके पक्ष के लोगों ने बैराड़ थाने जाकर घटना की रिपोर्ट लिखार्ई तथा पुलिस ने गोली लगने से घायल विजय सिंह और भीमसेन यादव को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया। 

वहीं जिला अस्पताल में भर्ती अनूप रावत, शिवराज और लखन रावत ने इस बात से इन्कार किया कि चुनाव संबंधी रंजिश के कारण यह घटना घटित हुई। उनका कहना है कि आवारा पशु उनके खेत में घुस आए थे। उन्हें जब वह बाहर निकाल रहे थे तो यादवों ने यह कहकर उनसे लडऩा शुरू कर दिया कि वह आवारा पशुओं को उनके खेत में घुसेड़ रहे हैं। इसके बाद उन्होंने हमला बोल दिया जिससे अनूप, शिवराज और लखन रावत गंभीर रूप से घायल हो गए। 

सरपंच पर लगाया गोली मारने का आरोप
चुनाव में सरपंच पद के लिए यादवों और रावतों में घमासान हुआ था लेकिन चुनाव में रावत पक्ष के पदम रावत विजयी हुए थे। यादव पक्ष ने आरोप लगाया कि गोली मारने वालों में सरपंच पदम रावत भी शामिल था। जिसकी गोली से भीमसेन यादव का हाथ चोटिल हुआ है।