Friday, February 10, 2017

प्रेसवार्ता लेने आए आईएएस अंकित अष्ठाना अस्पताल में मीटिंग हॉल नही खुलवा पाए

शिवपुरी। जिला चिकित्सालय शिवपुरी के प्रभारी बनाए गए आईएएस पोहरी एसडीएम अंकित अष्टाना ने आज एक प्रेस वार्ता का रखी इस प्रेस वार्ता में अष्ठाना ने अस्पताल को लेकर अपनी प्राथमिकता गिनाई। लापरवाही का ब्रांड ऐबेसडर बना अस्पताल में इस प्रेस वार्ता में ही अस्पताल की एक लावरवाही अस्पताल प्रभारी के सामने ही आ गई। 

प्रेस वार्ता की खबर से पहले हमारे पाठको को यह बताना यह अति आवश्यक है कि आज प्रेस वार्ता का  अस्पताल के ट्रेनिंग सेंटर के मीटिंग हॉल में होनी थी। पीसी का आयोजन शाम 4 बजे रखा गया था,शहर की मिडिय़ा को 1 बजे ही सूचना दे दी गई। जाहिर है कि इस पीसी की जानकारी अस्पताल प्रबंधन को कल से नही तो आज सुबह से होगी। 

पीसी अस्पताल में किस जगह होनी है स्थान की जानकारी भी अस्पताल प्रबंधन को अवश्य रही होगी। लेकिन जब आईएएस अंकित अष्ठाना पीसी करने अस्पताल पहुंचे और शहर की पूरी मिडिय़ा पीसी के लिए अस्पताल पहुंची जो पीसी स्थल पर ताला लटका मिला। 

अस्पताल प्रभारी अष्ठाना ने अस्पताल प्रबंधन से चर्चा की लेकिन नतीजा नही निकला। इसमें सबसे शानदार बात यह रही कि अष्ठाना अस्पताल के आरएमओ डॉ.गुर्जर को फोन लगाते रहे मगर स्वयं वे इस मीटिग़ हॉल को खुलवाने में नकाम रहे। इसके बाद इस पीसी का आयोजन सिविल सर्जन के ऑफिस में किया गया।

अब चलते है प्रेस वार्ता की ओर
प्रेस वार्ता में अस्पताल प्रभारी ने कहा कि सर्वप्रथम चिकित्सको को भयमुक्त वातावरण सुनिश्चित किया जाऐगा। इसके लिए अस्पताल में डायल 100 की परमानेंट व्यवस्था की जाऐगी। और अस्पताल चौकी में तगडे जावानो की की तैनाती होगी। 

मेरे द्वारा अस्पताल में औचक निरिक्षण किया जाऐगा। ओपीडी  8 से 1 बजे तक चलनी चाहिए और इस दौरान रोगियों का परीक्षण होना चाहिए। पत्रकारों ने उन्हें बताया कि चिकित्सक बायोमैट्रिक मशीन में थम इ प्रेशन देकर कर्तव्य स्थल से नदारद हो जाते हैं और मरीज ाटकते फिरते हैं जिस पर उन्होंने इसकी भविष्य में पुनरावृत्ति न होने देने की बात कही। 

जिला अस्पताल में अराजकतापूर्ण माहौल के सुधार के लिए प्राथमिकता से कार्य किए जायेंगे। इस क्रम में अस्पताल के सुरक्षा गार्डों का पुलिस वेरीफिकेशन ाी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले चुके चिकित्सकों से भी चर्चा करेंगे ताकि उन्हें अस्पताल में सेवा देने के लिए राजी किया जाए। कलेक्टर ओ.पी. श्रीवास्तव के आते ही अस्पताल में सुधार के अन्य कार्य भी प्राथमिकता से होंगे। 

प्रेस का प्रवेश अब आईडी कार्ड से
अब अस्पताल में प्रवेश के लिए पत्रकारों को आईडी कार्ड की अनिवार्यता लागू की जाएगी इसके लिए प्रशासन ने जनस पर्क अधिकारी से अधिकृत पत्रकारों की सूची सिविल सर्जन को सौंपे जाने की बात कही है। इसके आधार पर ही पत्रकारों को प्रवेश पत्र दिए जायेंगे।