Friday, February 10, 2017

निर्माण कार्यो में घपला करने वाले सरपंच-सचिव से होगी लाखों की बसूली

शिवपुरी। शासन द्वारा जनहित में जारी की जाने वाली मर्यादा योजना के तहत लाखों रूपए की धनराशि स्वीकृत की जा रही है। जिससे कि जन सामान्य को उसका लाभ मिल सके लेकिन जन प्रतिनिधियों एवं शासकीय कर्मचारियों के आपसी तालमेल के चलते शासकीय योजनाओं को जमकर पलीता लगाया जा रहा है। 

विभिन्न जनपद पंचायतों में पदस्थ वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा इस ओर ध्यान नहीं दिए जाने के कारण ऐसे लोगों के हौंसले बुलंद बने हुए हैं। जागरूक नागरिकों द्वारा शिकयतें किए जाने के बाबजूद भी इस ओर ध्यान नहीं दिया जाना वरिष्ठ अधिकारियों का भी इस घालमेल में संलिप्त होने की ओर स्पष्ट रूप से इंगित करता है। 

बदरवास क्षेत्र के ग्राम पंचायत के सरपंच एवं सचिव द्वारा बगैर कार्य कराये शासकीय खजाने से धनराशि का आहरण कर लिया गया। जांच में दोषी पाए जाने पर अनुविभागीय अधिकारी द्वारा सरपंच व सचिव से धन राशि वसूल किए जाने के निर्देश जारी किए हैं। 

जिला पंचायत के मु य कार्यपालन अधिकारी को जितेन्द्र सिंह रघुवंशी द्वारा मर्यादा अ िायान में किए जाने वाले घालमेल की शिकायत की गई जिसमें सचिव मोहब्बत सिंह सरपंच ग्राम पंचायत गिंदौरा एवं सुरेश धाकड़ तत्कालीन सचिव सुरेश धाकड़ एवं एक अन्य मामले में पूर्व सरपंच युधिष्ठिर सिंह रघुवंशी द्वारा शौंचालयों के निर्माण में किए जाने वाले घालमेल के मामले में अनुविभागीय अधिकारी कोलारस आरके पाण्डेय द्वारा उपरोक्त लोगों से धन राशि वसूल किए जाने के कार्यपालन अधिकारी को निर्देशित किया है। 

सरपंच एवं सचिव गिंदौरा के द्वारा शौचालय बनाए जाने के लिए प्रदाय की जाने वाली राशि जिन 25 हितग्राहियों को एक लाख 15 हजार रूपए आवंटित की गई थी। वह शासन नियमों के विपरीत होने से 25 शौचालय की राशि 4600 रूपए प्रति व्यक्ति के मान से एक लाख 15 हजार रूपए की बसूली प्रस्तावित की गई है। 

पूर्व सरपंच युधिष्ठर सिंह रघुवंशी, सचिव रजनी रघुवंशी ग्राम पंचायत गिदौरा से 80 हजार रूपए तथा 35 हजार रूपए की राशि सुरेश धाकड़ पूर्व सचिव ग्राम पंचायत गिदौरा एवं श्री खलको पीसीओ जनपद पंचायत बदरवास के द्वारा संयुक्त रूप से आहरित की गई है। किन्तु 35 हजार रूपए की राशि खलको के पास ग्राम पंचायत निर्वाचन के दौरान ग्राम पंचायत गिदौरा के साथ अन्य पंचायतों का प्रभार नियमानुसार दिए जाने से प्रथम दृष्टया उसे जि मेदार नहीं माना जा सकता। 

उक्त प्रकरण में अनुविभागीय अधिकारी आरके पाण्डेय द्वारा मु य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बदरवास को निर्देशित किया गया है कि वह पूर्व सरपंच युधिष्ठर रघुवंशी एवं पूर्व सचिव रजनी रघुवंशी से 80 हजार रूपए तथा 35 हजार रूपए की धन राशि सुरेश धाकड़ पूर्व सचिव ग्राम पंचायत गिदौरा से चल अचल संपत्ति से बसूल कर एक माह के अंदर खजाने में जमा करायें। 

जन सामान्य के आवागमन को सुगम बनाने के लिए शासन द्वारा सडक़ निर्माण के लिए ग्राम पंचायत गिदौरा में 2 लाख 68 हजार रूपए की राशि स्वीकृत की गई थी। लेकिन मोहब्बत सिंह आदिवासी एवं सचिव सुरेश धाकड़ द्वारा बिना कार्य कराये ही शासकीय खजाने से लाखों रूपए की धन राशि का आहरण कर लिया गया। 

सरपंच एवं सचिव को जांच उपरांत दोषी पाए जाने पर अनुविभागीय अधिकारी द्वारा धनराशि बसूल किए जाने के निर्देश दिए हैं। 

मोहब्बत सिंह आदिवासी सरपंच ग्राम पंचायत गिदौरा से मध्य प्रदेश भू राजस्व संहिता 1959 की धारा 146 सहपठित धारा 147 के तहत सरकारी देय 268000 रूपए में से आधी रकम जो कि 1 लाख 34 हजार होती है भू-राजस्व के रूप में अचल संपत्ति से बसूल करने हेतु तथा सुरेश धाकड़ तत्कालीन सचिव ग्राम पंचायत गिदौरा के वेतन से बकाया राशि 1 लाख 34 हजार रूपए कटोत्रा कर शासकीय खजाने में जमा कराने के निर्देश मु य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बदरवास को दिए हैं।