Tuesday, February 14, 2017

शहर के सडक़ो पर शनि का प्रकोप जारी:काम शुरू होते ही रूक जाता है

शिवपुरी। शहर की सडको का मौत के मुंह में धकेलने वाले सीवर प्रोजेक्ट का काम लगभग समाप्त होने पर ही है। लगभग 2 साल पूर्व शुरू हुए इस प्रोजेक्ट के कारण शहर की सारी सडके खोद डाली। सडको के खोदने के बाद प्रशासन इन सडको को बनाना भूल गया। शहर वासियो के फैफडे धूल के गोदाम होने लगे तो इस मामले को न्यायालय की शरण में ले जाना पड़ा। कुल मिलाकर अब भी शहर की सडको पर राजनीति और प्रशासन की लापरवाही अभी भी बनी हुई है। 

शहर के दो साल पूर्व शुरू हुए सीवर प्रोजेक्ट के चलते मु य सडक़ो को खोद दिया। जिन सडक़ो पर सीवर लाइन का काम पूरा हो गया,वे भी एक साल से अधिक समय से यूं ही पड़ी हैं। कुछ सडक़ो का काम तो अधूरा ही छोडक़र बंद कर दिया। मु य बाजार कोर्ट रोड सहित पांच सडक़ो को छोडक़र बदं कर दिया। मु य बाजार कोर्ट रोड सहित 5 सडको का काम अभी तक शुरू नही हो सका

शहर के सबसे व्यस्तम ओर मेन रोड कोर्ट रोड सहित अन्य 5 सडक़ो के लिए 3.60 करोड़ रू की राशि शिवपुरी विधायक  व प्रदेश की खेल मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने लगभग 6 माह पूर्व स्वी$कृत कराई। इसके लिए टेंडर भी कॉल किए जा चुके थे। और तकनीकी व प्रशासकीय स्वीकृति कलेक्टर ओपी श्रीवास्तव तत्काल भोपाल से स्वीकृत करा लिए। 

लेकिन इन सडक़ो का टेडऱ लेने वाले ठेकेदार ने काम शुरू नही किया। नपा ने बार-बार नोटिस भी जारी करे लेकिन ठेकेदार ने काम नही शुरू किया बल्कि उल्टा नपा की तकनीकी कमी गिनाना शुरू कर दी। इससे थक हार कर नपा ने इस ठेकेदार के पीआईसी में टेेंडर को निरस्त करते हुए दूसरे टेंडर कॉल किए। 

बताया गया है कि पूर्व में लिए गए ठेकेदार और पुन:कराए गए ठेकेदार के रेटो में इन 5 सडक़ो के निर्माण की रेटो में लगभग 1 करोड़ रूपए का अंतर आ रहा था। दरो में अतंर का मामला भोपाल तक जा पहुंचा। भोपाल से इन सडको की फाईलो में यह लिखकर आ यगा कि पुन:टेंडर कराए जाए। 

इस बीच टेंडर निरस्त किए ठेकेदार ने कोर्ट की शरण ली और वहां से एक माह का समय न्यायालय ने उक्त ठेकेदार को दे-दिया। लेकिन अभी तक इन सडक़ो का काम शुरू नही हुआ है। कुल मिलाकर शहर की सडक़ो पर शनि हटने का नाम नही ले रहा है। 

पहले बजट नही था। बजट आया जो नपा ने टेंडर में देरी कर दी। जैसे-तैसे टेंडर हो गए प्रशासनिक स्वीकृती भी मिल गई। लेकिन ठेकेदार ने काम शुरू नही किया। नपा ने टेंडर निरस्त करते हुए पुन:टेंडर कॉल कर लिए। पुराना ठेकेदार न्यायालय भाग गया और समय ले आया। और काम शुरू नही किया है।