जैन मुनियों को खुले में शौच की छूट मिलने पर हुआ सिंधिया का अभिनंदन

शिवपुरी। जैन मुनियों को खुले में शौच की छूट मिलने पर जैन समाज के प्रतिनिधि मंडल ने आज बाम्बे कोठी जाकर सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए शॉल और श्रीफल से उनका स्वागत किया है। प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व कर रहे राजकुमार जैन जड़ी बूटी बालों ने कहा कि जैन समाज हमेशा सिंधिया परिवार के साथ रहा है और आगे भी रहेगा। जवाब में श्री सिंधिया ने कहा कि मैं भी जैन समाज का सदस्य मानकर अपने आपको गौरवान्वित महसूस करता हूं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार केन्द्रीय सरकार ने स्वच्छ भारत अभियान के तहत खुले में शौच पर प्रतिबंध लगा दिया था। इससे जैन समाज की धार्र्मिक भावनायें आहत हुई थी क्योंकि जैन संत अहिंसा धर्म का पालन करते हुए खुले में शौच के लिए जाते हैं। 

इस पर जैन समाज ने सांसद सिंधिया से भेंट कर उनसे कार्रवाई के लिए अनुरोध किया था। इस पर सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री बैंकैया नायडू को पत्र लिखकर जैन मुनियों को खुले में शौच की छूट दिए जाने का अनुरोध किया था। 

श्री सिंधिया के पत्र पर कार्रवाई करते हुए श्री नायडू ने जैन मुनियों को खुले में शौच की छूट देने की कार्रवाई करने हेतु अपने विभाग को निर्देशित किया था। जैन समाज के प्रतिनिधि मंडल में प्रमुख रूप से राजकुमार जैन जड़ी बूटी बालों के अलावा, चन्द्रसेन जैन, अजीत चौधरी, पवन कुमार जैन, प्रेमचन्द्र जैन, मुकेश जैन, राकेश जैन आमोल, भानू प्रकाश जैन, संजय सांखला आदि शामिल हैं। 

जैन ग्रंथों में खुले में शौच का नियम
जैन धर्म के आचार्य प्रधान धर्मग्रंथों के अनुरूप जैन श्रमण परंपरा के साधक के रूप में आचार्य, उपाध्याय, मुनिराज, आर्यिका महासति, साध्वी, एलक, छुल्लक, छुल्लिका, ब्रह्मचारी, मुमुक्षु, श्रावक , श्राविकायें आदि अहिंसा व्रत्त के परिपालन हेतु खुले में शौच का परिपालन करते हैं। 
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