करैरा में स्टांप की किल्लत, कालाबाजारी शुरू

करैरा। तहसील मु यालय में आम आदमी कम कीमत के स्टा प की किल्लत से जूझ रहा है। रोजमर्रा के काम में उपयोग आने वाले दस रुपए के स्टा प लोगों की पहुंच से दूर हो गए हैं। तहसील कार्यालय में निजी कामों से आने वाले लोग स्टा प के अभाव में बिना काम किए वापस लौट जाते हैं।
शहरी इलाकों के अलावा देहातों से आने वाले लोग ज्यादा परेशान होते हैं क्योंकि उन्हें लंबी दूरी तय कर आना पड़ता है। दस रुपए के स्टा प की मांग सबसे ज्यादा होती है। ये स्टा प बैंक लोन लेने, राशन कार्ड बनाने, छात्रों का प्राइवेट परीक्षा फार्म भरने, छात्रवृत्ति, जाति, आय, निवास के अलावा, आरटीई, शपथ पत्र सहित जनकल्याणकारी योजनाओं के आवेदन में भी उपयोग में लाए जाते हैं। इस वक्त सबसे ज्यादा छात्रों को इसकी आवश्यकता है। कई कामों के लिए शपथ के कागजों में भी इनका उपयोग किया जाता है। 

स्थानीय निवासी अमित त्रिपाठी (छोटू) ने बताया कि उन्हें दस रुपए के स्टा प के लिए तीन दिन से भटकना पड़ रहा है। आखिरकार वह समय पर अपना काम नहीं कर पाए। एक शिक्षक ने बताया कि दस रुपए के स्टा प की किल्लत कृत्रिम रूप से की गई है। तहसील कार्यालय सहित अन्य जगहों में स्टा प बेचने वाले वेंडरों द्वारा दस रुपए के स्टा प नहीं दिए जाते हैं या फिर तमाम कागज एक ही वेंडर से तैयार कराने के लिए बाध्य किया जाता है। तहसील कार्यालय में यह खेल जमकर चलता है। 

जबकी सूत्रों की माने तो  फिलहाल स्टा प की कोई कमी नहीं है। इससे साफ पता चलता है कि दस और पांच रुपए के स्टा प की कृत्रित कमी पैदा की जाती है। दिनारा से बीस किलोमीटर का सफर कर तहसील कार्यालय पहुंचे रमेश केवट ने बताया कि पिछले दो सप्ताह से यह किल्लत बनी हुई है। स्टा प वेंडर मनमर्जी से स्टा प उपलब्ध कराते हैं। इतना ही नही पहले तो नही होने का बहाना बनाते है बाद में अतिरिक्त शुल्क लेकर स्टा प देते है। कई बार एसडीएम से भी शिकायत की गई लेकिन इन बेडरों पर कोई कार्यवाही नही हुई।

खुलेआम हो रही है स्टांप पेपर की कालाबाजारी

करैरा। तहसील कार्यालय के बाहर स्टांप विक्रेता खुलेआम स्टांप की कालाबाजारी कर रहे है।आलम यह है कि यहां पर 10 रुपये का स्टांप 15-20 रुपये तक में बेंचा जा रहा है। कई बार जनता ने स्टांप विक्रेताओं द्वारा की जा रही अवैध वसूली की शिकायत प्रशासन से की। जिस पर से प्रशासन ने मामले की जांच कराने का आशवासन देकर मामला ठण्डे बस्ते में डाल दिया।
Share on Google Plus

About KumarAshish BlogManager

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

-----------