मीडिया को पुलिसकर्मियों ने रोका, पत्रकार बैठे धरने पर

शिवपुरी। आज दोपहर मु यमंत्री शिवराज सिंह चौहान हेलीपेड से भाजपा प्रत्याशी जयभान सिंह पवैया का पर्चा दाखिल कराने के लिए कार द्वारा कलेक्ट्रेट पहुंचे जहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने कवरेज करने गए मीडियाकर्मियों को अंदर जाने से रोक दिया।
जिससे अधिकांश मीडियाकर्मी कवरेज नहीं कर पाए। साथ ही मीडियाकर्मियों पर पुलिसकर्मियों ने लाठियां दिखाकर डराने का प्रयास किया, लेकिन इसके विरोध में मीडियाकर्मियों ने कलेक्ट्रेट के बाहर धरना देना शुरू कर दिया। जब यह जानकारी वरिष्ठ पुलिसकर्मियों को लगी तो वह मौके पर आ पहुंचे और बाद में मीडियाकर्मियों से गलती पर क्षमा याचना भी की। इसके बाद एसपी महेन्द्र सिंह सिकरवार ने भी पत्रकारों के साथ हुए व्यवहार पर खेद व्यक्त किया और पत्रकारों को रोकने वाले पुलिसकर्मी महेन्द्र सिंह पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। साथ ही पत्रकारों को डण्डों का डर दिखाने वाले उपनिरीक्षक अनूप नामदेव पर भी कार्रवाई करने का आश्वासन एसपी द्वारा दिया गया।

यहां उल्लेख करना प्रासांगिक होगा कि दो दिन पहले कांग्रेस प्रत्याशी और केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा कलेक्ट्रेट में अपना नामांकन दा िाल करने के लिए लाबोलश्कर के साथ पहुंचे थे। जहां सिंधिया समर्थकों ने बैरिगेट तक तोड़ दिए थे तब पुलिस मूक दर्शक होकर देखती रही। निर्वाचन आयोग द्वारा कलेक्ट्रेट से 100 मीटर की दूरी पर किसी भी तरह की रैली प्रतिबंधित है, लेकिन इसके बावजूद भी सिंधिया समर्थक कलेक्ट्रेट के गेट तक पहुंच गए और वहां नारेबाजी भी की, लेकिन आज सीएम शिवराज सिंह चौहान को दिखाने के लिए पुलिस प्रशासन ने व्हीआईपी व्यवस्था की जबकि आचार संहिता लागू होने के बाद व्हीआईपी व्यवस्था नहीं होती।

सीएम भी एक आम कार्यकर्ता की तरह होता है। इसके बावजूद भी व्हीआईपी व्यवस्था में सीएम को प्रत्याशी के साथ पर्चा दाखिल करने के लिए अंदर ले जाया गया। जब इसका कवरेज करने के लिए पत्रकार वहां पहुंचे तो उन्हें ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी महेन्द्र सिंह ने रोक दिया। साथ ही उपनिरीक्षक अनूप नामदेव ने पत्रकारों को रोकने के लिए वहां मौजूद पुलिसकर्मियों को डण्डा दिखाने का आदेश दिया। अपने आप का अपमानित महसूस करने के बाद पत्रकारों और पुलिस के बीच बहस शुरू हो गई और पत्रकारों ने कलेक्ट्रेट पर धरना देना शुरू कर दिया। यह जानकारी लगने पर एसडीओपी एसकेएस तोमर मौके पर पहुंचे और मध्यस्था की। लेकिन इसके बावजूद भी पत्रकार नहीं माने और कलेक्ट्रर से मिलने की मांग पर अड़े रहे। इसके बाद पुलिस अधीक्षक महेन्द्र सिंह सिकरवार वहां पहुंचे और उन्होंने पत्रकारों के साथ हुए इस व्यवहार पर खेद व्यक्त करते हुए पत्रकारों के साथ अभद्र व्यवहार करने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। इसके बाद पत्रकारों ने धरना खत्म किया।

पीआरओ की गलती से हुआ यह पूरा घटनाक्रम

शिवपुरी में पदस्थ पीआरओ अनिल वशिष्ट से पुलिस अधीक्षक महेन्द्र सिंह सिकरवार ने आज होने वाले नामांकन दाखिले के लिए मीडिया के प्रवेश के लिए मीडियाकर्मियों की लिस्ट मांगी। जिस पर पीआरओ श्री वशिष्ट ने सिर्फ 12 पत्रकारों की लिस्ट पुलिस अधीक्षक को दी। उसी के आधार पर पत्रकारों को प्रवेश दिया गया। जिस पर अन्य पत्रकारों ने श्री वशिष्ट पर दुर्भावनापूर्ण व्यवहार करने का आरोप लगाया। वहीं मौके पर मौजूद पुलिस अधीक्षक और एसडीओपी ने श्री वशिष्ट से कवरेज के लिए पत्रकारों को प्रवेश पत्र जारी करने के निर्देश दिए। जिस पर एसडीओपी एसकेएस तोमर ने पीआरओ श्री वशिष्ठ से कहा कि उन्होंने जो 12 लोगों की लिस्ट बनाकर दी थी। उसी के आधार पर पत्रकारों को प्रवेश दिया गया था। पीआरओ की इस गलती के कारण ही स्थिति निर्मित हुई।


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