प्रभूराम आचरणों पर चलकर ही मोक्ष की प्राप्ती:जगदगुरू

शिवपुरी। शिवपुरी वानगंगा धाम शिवपुरी में श्री रामकथा का सार कहते हुए अयोध्याराम हर्षण मैथिल श य पीठाधीश्वर 1008 जगद गुरू रामानंदाचार्य बल्लभ चार्य महाराज ने कहा भगवान राम अपने हमारे ही नहीं दुनियां के पालनहार है उनकी बाल्य काल से ही राज्य परिवार में परिवरिश हुई परन्तु वह हमेशा अपनी मर्यादा, आज्ञा पालन भलाई कार्य दुष्टों का संहार करना और हमेशा सबको सच्चे मार्ग पर चलना बताते रहे उनके आचरणों पर चलकर ही हमें मोक्ष की प्राप्ती हो सकती है।

इंसान पर विपत्ती आती है तो संत ही उसे हटाते हैं, जन्मों के फल से ही संतों के दर्शन होते हैं वहीं तीर्थ स्थलों के दर्शन पर भी संत मिलते है और संतों के धन तो भगवान राघवेन्द्र सरकार स्वयं है जिनके वाणी रूपी रस को सेवन करने से मानव को स्वर्ण लोक की प्राप्ती होती है, मुनियों के धन होने के साथ ही भोले नाथ परमप्रिय भगवान राम ही है। 

जीवात्मा और परमात्मा दोनों एक अंग है ये दोनों एक दूसरे के बिना नहीं रह सकते उनके सैकड़ों भाग है जीवका कल्याण तब तक नहीं होता तब तक उसे अभिमान का अभिमान न हो और प्रभू राम को तो निर्मल मन के मानव ही पा सकते हैं। रामकथा सुनने आये प्रदेश संत समाज के अध्यक्ष श्रृंगारी जी महाराज का महंत नारायण दास महाराज ने शॉल श्री फल भेंट कर उनका स्वागत किया।

भागवत कथा 29 से हिंगलाज मंदिर पर

शिवपुरी। बालधाम रिलायन्स टावर के पास के पास गुना ग्वालियर वायपास पर नानोरा वाली माँ हिंगलाज की कृपा से 108  महंत पं. कल्याणचन्द्र व्यास के श्रीमुख से संगीतमय भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन 29 जनवरी बुधवार से 5 फरवरी तक दोपहर 12 बजे से 5 बजे तक वाचन किया जाएगा। धर्मप्रेमी बंधु कथा में आमंत्रित है। 


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