शिव मंदिर को लेकर, पुलिस और पुरातत्च विभाग आमने-सामने

शिवपुरी। सुभाषपुरा क्षेत्र में पुरातत्व विभाग के शिव मंदिर पर कुछ दबंगों द्वारा किए गए कब्जे का मामला गहरा गया है और मामले को लेकर पुरातत्व विभाग के अधिकारी, कर्मचारी और पुलिस विभाग आमने-सामने आ गए हैं।

जहां पुरातत्व विभाग के केयर टेकर ने पुलिस पर आरोपियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। वहीं सुभाषपुरा थाना प्रभारी इस पूरे मामले से अनभिज्ञ हैं। जबकि पुरातत्व विभाग द्वारा पुलिस अधीक्षक को एक शिकायती आवेदन दिया गया है। जिसमें आरोपियों द्वारा गाली-गलौंच करने एवं जान से मारने की धमकी देने का उल्लेख किया गया है।

विदित हो कि 14 दिस बर को सुभाषपुरा में स्थित पुरातत्व विभाग की देखरेख में भगवान शिव के मंदिर पर गांव के केशव पाराशर और उनके पुत्रों ने स्मारक की सड़क पर तार फेंशिंग कर कब्जा कर लिया था। जिसकी शिकायत शिव मंदिर स्मारक के केयर टेकर सुरेश बाथम ने 16 दिस बर को पुलिस को की, लेकिन इसके बावजूद भी अतिक्रामक पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।

बाद में सुरेश ने विभाग के डिप्टी डायरेक्टर एसआर वर्मा को पूरे मामले की जानकारी दी। जिस पर डिप्टी डायरेक्टर एसआर वर्मा सहित एक्जूकेटिव इंजीनियर श्री मित्रा विभाग के अन्य अधिकारियों के साथ सुभाषपुरा थाना प्रभारी आलोक सिंह परिहार के पास पहुंचे और अतिक्रामक को शीघ्र ही अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए, लेकिन पुलिस और विभाग के अधिकारियों के जाने के बाद आरोपियों ने दबंगाई दिखाते हुए अतिक्रमण हटाने से इंकार कर दिया और सुरेश कुमार बाथम को गालियां देकर जान से मारने की धमकी दे दी।

जिसकी शिकायत सुरेश ने फिर पुलिस से की, लेकिन पुलिस ने उसे यह कहते हुए शिकायत लेने से इंकार कर दिया कि उनके द्वारा राजीनामा करा दिया गया है अब वह शिकायत नहीं लेंगे। जिस पर सुरेश ने विभाग के अधिकारियों से संपर्क साधा और आरोपियों की दबंगाई की जानकारी दी। जिस पर विभाग के अधिकारियों ने एसपी को शिकायती आवेदन देने का सुझाव दिया और अतिक्रमण की जानकारी देने के लिए विभागीय पत्र एसडीएम को पहुंचाया।

इनका कहना है:-

* शासकीय भूमि पर पुरातत्व विभाग के बने शिव मंदिर की जमीन से निकली सड़क पर अतिक्रमणकारियों ने अतिक्रमण कर लिया है। जिसकी शिकायत हमें सुभाषपुरा में पदस्थ केयर टेकर सुरेश बाथम से प्राप्त हुई। जिस पर हम सुभाषपुरा पहुंचे, लेकिन हमारे जाने के बाद सुरेश को जान से मारने की धमकी और गाली- गलौंच की थी।

जिसकी शिकायत एसपी से करने का मेरे द्वारा सुझाव दिया गया था। साथ ही अतिक्रमण की जानकारी विभागीय पत्र के माध्यम से एसडीएम को भी दी गई है। जहां तक थाना प्रभारी पर आरोपियों को संरक्षण देने का सुरेश का जो आरोप है। उसमें मैं कुछ नहीं कह सकता।
एसआर वर्मा
डिप्टी डायरेक्टर पुरातत्व विभाग

* केशव पाराशर द्वारा मंदिर की बेशकीमती भूमि पर तारफेंशिंग कर अतिक्रमण किया गया है, लेकिन शिकायत के बावजूद भी पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। जिसकी शिकायत मैंने एसपी महेन्द्र सिंह सिकरवार से एक आवेदन के माध्यम से की है और आरोपियों द्वारा मुझे जान से मारने के साथ यह धमकी भी दी जा रही है कि वह पुलिस से मिलकर झूठे मामले उस पर दर्ज करवा देंगे।
सुरेश कुमार बाथम
केयर टेकर सुभाषपुरा शिव मंदिर

* सुरेश ने मुझसे शिकायत की थी और मैंने मौके पर पहुंचकर उनके अधिकारियों के सामने अतिक्रमणकारी को अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे, लेकिन बाद में गाली-गलौंच करने और जान से मारने की धमकी देने का मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। अगर सुरेश मुझ पर आरोपियों को संरक्षण देने का आरोप लगा रहा है तो वह पूर्णत: निराधार है। मेरे पास एसपी को दिया आवेदन आया है और आज सुरेश को बयान दर्ज कराने के लिए थाने पर बुलाया गया है। इस मामले में जो भी दोषी होगा। उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सुभाषपुरा थाना प्रभारी 
आलोक सिंह परिहार


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